रास्ता दिखाते हुए भी मन भटका देता है मैप

नवभारतटाइम्स.कॉम
the magic of maps a journey from showing the way to touring the world
मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना है 'द ग्रेट माइग्रेशन', जब इंसानों ने अफ्रीका के बाहर कदम रखा। वैज्ञानिकों की थिअरी है कि अफ्रीका से ही चलकर इंसान धरती के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचे। हालांकि यह कितनी बड़ी विडंबना है कि इंसानी सभ्यता को आकार देने वाले अफ्रीका को खुद अपने आकार के लिए लड़ना पड़ा। अब जाकर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऐसे वर्ल्ड मैप के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें देशों और महाद्वीपों का आकार वास्तविकता के ज्यादा करीब दिखता है।

गोल पृथ्वी को चपटे कागजों पर उतारा जाए, तो कुछ व्यावहारिक दिक्कत आएगी ही - खासकर जब यह काम 16वीं सदी में किया जा रहा हो। भूगोलवेत्ता Gerardus Mercator ने 457 साल पहले इसी समस्या से जूझते हुए जब दुनिया का नक्शा बनाया, तब मकसद व्यापार और समुद्री यात्रा की सहूलियत थी। लेकिन, इसकी वजह से कई देशों और महाद्वीपों के जो आकार बिगड़े, वो आगे चलकर आत्मसम्मान का विषय बन गए। अफ्रीकी देश टोगो ने यह विषय उठाया, क्योंकि नक्शा जुड़ा है पहचान से। लोग अपना घर छोड़ कहीं और जाते बाद में हैं, पहले मैप के जरिये परिचय बनाते हैं वहां से। और इस प्रक्रिया में भी आनंद है।
मैप भले कितना ही छोटा हो, एक बार नजरों के सामने आ गया तो जिज्ञासा बड़ी हो जाती है। हम अक्सर मैप खोलते या देखते हैं किसी स्थान की तलाश में, लेकिन पता ही नहीं चलता कि कब वह तलाश खुद रास्ता भटक जाती है। मैप की लकीरों संग हम भी बढ़ने लगते हैं इधर-उधर। कभी पहाड़ों पर, कभी जंगलों में, कभी महासागरों की लहरों पर और कभी किसी नदी का किनारा पकड़ बस यूं ही चलना। नक्शों का सबसे बड़ा आनंद यही है कि वे हमारी भौगोलिक खोज को खेल में बदल देते हैं। एक जगह ढूंढते हुए दूसरी मिल जाती है और दूसरी के पीछे तीसरी। हम रास्ता खोजने निकले थे, लेकिन अंत में दुनिया खोजने लगते हैं। अपनी तमाम काबिलियत के बावजूद कोलंबस और वास्कोडिगामा तक उलझे होंगे इस खेल में।

मैप पर नए-नए नाम पढ़ते हुए लगता है कि जुड़ाव बनता चल रहा है उनके साथ। वहां कैसे लोग होंगे, कैसे रहते होंगे, उस पहाड़ के पार क्या है और सागरों से घिरे उस द्वीप पर क्या घट रहा होगा इस समय? जहां कभी गए नहीं, वहां के बारे में कई कल्पनाएं जन्म लेने लगती हैं। न जानें कितनी खोजी साहसिक यात्राएं इन्हीं कल्पनाओं की वजह से शुरू हुईं!

आप घूमने के शौकीन हैं, पर छुट्टियां नहीं हैं। आपको देशों की सीमाएं लांघनी हैं, पर पासपोर्ट-वीजा नहीं है। लेकिन, अगर मैप है आपके पास, तो इस जर्नी को महसूस कर सकते हैं। और हां, अबकी जब इस यात्रा पर निकलिएगा तो टोगो होते आइएगा।