फैज़ की शायरी से छेड़ी मोहब्बत और इंकलाब की सरगम

नवभारतटाइम्स.कॉम
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nNBT न्यूज, लखनऊ : फैज़ अहमद फैज़ की शायरी, संगीत और विचारों से सजी शाम ने शहर के कला प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। ‘ जश्न-ए-फैज़ : अ म्यूज़िकल पोर्ट्रेट ऑफ फैज़ अहमद फैज़’ का मंचन अंदाज़-ए-बयां और (एईबीए) इवेंट्स ने एफएएच सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से किया। कार्यक्रम में डॉ. प्रभा श्रीवास्तव ने अपनी मधुर आवाज में फैज़ की मशहूर गज़लों और नज़्मों की प्रस्तुति दी। डॉ. सुधांशु मणि ने प्रभावशाली नैरेशन के जरिए फैज़ के अदबी सफर और उनकी शायरी के बदलते तेवर को सामने रखा। ‘मुझसे पहली सी मोहब्बत’, ‘गुलों में रंग भरे’, ‘आज बाज़ार में पा-ब-जौलां चलो’ और ‘हम देखेंगे’ जैसी रचनाओं ने समां बांध दिया। ‘हम देखेंगे’ की प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने कलाकारों को स्टैंडिंग ओवेशन दिया। कार्यक्रम का निर्देशन गोपाल सिन्हा ने किया।