@timesofindia.comलखनऊ : पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कौशल किशोर ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। आईआईएम रोड स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर रविवार को आयोजित पारख महासभा की 'आत्मसम्मान रैली' में उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के सरकारी विभागों में रिश्वत का रेट दोगुना हो चुका है। कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि थानों की स्थिति ऐसी हो गई है कि अब कोई भी आम फरियादी वहां जाने से घबराता है।
कौशल ने कहा कि अगर मुस्लिम फरियादी को थाने पर जाना होता है तो एक बार वह अल्लाह को जरूर याद करता है। चाहे किसी भी धर्म का फरियादी हो वह थाने पर जाने में डरता है। मोहनलालगंज से भाजपा विधायक अमरेश रावत, मलिहाबाद से विधायक जय देवी और कौशल किशोर के पुत्र विकास किशोर मंच पर मुख्य रूप से मौजूद रहे। कौशल ने रैली को लेकर साफ कर दिया कि यह किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि पारख महासभा की रैली है। इसलिए अन्य विधायकों को नहीं बुलाया गया। कौशल ने आरोप लगाया कि रैली को कैंसल करने का प्रयास किया गया। कौशल ने शीतला देवी मंदिर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि किसी के दरवाजे पर जाओ और वह आपको न देखे तो आत्मसम्मान गिरता है। इस रैली के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
दल बदलने की चर्चा अफवाह : पिछले कुछ दिनों से भाजपा छोड़ने की अटकलों पर भी कौशल ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मेरे खिलाफ अफवाह फैला रहे हैं। मैं जहां हूं, वहीं रहूंगा, लेकिन जनता के मुद्दों पर आवाज उठाना बंद नहीं करूंगा। माना जा रहा है कि कौशल का यह रुख आने वाले दिनों में संगठन और सरकार के बीच नए समीकरण बना सकता है। वहीं, अमरेश रावत ने कहा कि वह भाजपा में कई संगठन स्तर पर कार्य कर चुके हैं। नागपुर गए तो वहां भी पारख संघ के लोग बड़ी संख्या में थे। उन्होंने कहा कि एक-दो महीने बाद बड़ा कार्यक्रम करेंगे और साजिश रचने वालों को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
वीरांगनाओं के सम्मान की मांग : कौशल ने कहा कि क्रांतिकारी बेगम हजरत महल और उनके बेटे की कब्रों को नेपाल से लाकर यहां सम्मान दिया जाएगा। वीरांगना ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई, अवंती बाई लोधी, अहिल्या बाई होल्कर सहित अन्य वीरांगनाओं की प्रतिमाएं लगाकर एक और प्रेरणा स्थल बनाया जाना चाहिए। अगर प्रशासन ऐसा नहीं करता तो पारख महासंघ लोगों को एकजुट कर यह कार्य करेगा।
चालान काटे जाने पर आक्रोश : रैली में पहुंचे वाहनों का चालान किए जाने पर कौशल ने मंच से पुलिस को चेतावनी दी कि अगर वाहनों के चालान वापस नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। रैली में लखनऊ के अलावा मोहनलालगंज, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रयागराज, सीतापुर, लखीमपुर आदि जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। एक अनुमान के मुताबिक रैली में करीब 20 हजार की भीड़ जुटी। हालांकि, रैली में 50 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा था।