चंद्रशेखर रोके गए, पल्लवी चकमा देकर पहुंचीं

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चंद्रशेखर रोके गए, पल्लवी चकमा देकर पहुंचीं
nNBT न्यूज, गोंडा/बाराबंकी

बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड में रविवार को पुलिस कार्रवाई के साथ सियासी गतिविधियां भी तेज रहीं। अपना दल कमेरावादी की सिराथू विधायक पल्लवी पटेल पुलिस की घेराबंदी के बावजूद परसपुर के रेक्सडिया मल्लाहनपुरवा गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच गईं। वहीं, भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले को बाराबंकी में रोक दिया गया। दोनों नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
पल्लवी पटेल के गांव आने की सूचना पर रोकने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। इसके बावजूद विधायक पीड़ित परिवार के घर पहुंच गईं। परिवारीजनों से बातचीत में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक ने दावा किया विनोद ने मौत से पहले आरोपितों के नाम बताने के साथ ही अपने हाथ से तहरीर लिखी थी। इसमें गोलू सिंह और आकाश सिंह के नाम होने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने आरोपितोंकी तत्काल गिरफ्तारी, एनएसए लगाने और संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए परिवार को सुरक्षा, मुआवजा और बेटे को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई।

उधर, चंद्रशेखर आजाद के काफिले को रामनगर के बुढ़वल चौराहे के पास पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान कुछ युवकों के प्रदर्शन से तनाव की स्थिति बन गई। आजाद समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए और काफिले पर पथराव व चप्पल फेंकने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। सांसद ने एसपी कार्यालय पहुंचे हमले का आरोप लगाते हुए तहरीर भी दी।

दो के खिलाफ एफआईआर: पूरे मामले में सोशल मीडिया पर जातिगत नफरत और हिंसा भड़काने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इटियाथोक पुलिस ने आपत्तिजनक वीडियो के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धमकी देने के आरोप में मर्दनपुरवा निवासी काजल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, करनैलगंज पुलिस ने हिंसा के लिए उकसाने वाली पोस्ट के मामले में कृष्ण कुमार निषाद के खिलाफ केस दर्ज किया है।