लैब में बने हीरों का मार्केट लगभग 50 गुना बढ़ने की उम्मीद: शाह

नवभारतटाइम्स.कॉम
लैब में बने हीरों का मार्केट लगभग 50 गुना बढ़ने की उम्मीद: शाह
n NBT रिपोर्ट, मुंबई

'इंडिया जेम्स एंड जूलरी अवार्ड्स' में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत को लैब-ग्रोन डायमंड (प्रयोगशाला में बने हीरे) के क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। शाह ने कहा, ‘मात्रा के हिसाब से लैब में बनाए जाने वाले हीरों का बाजार मौजूदा हीरा बाजार के आकार से लगभग 50 गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। यह एक बहुत बड़ा अवसर है।’
शाह ने रविवार को कहा कि भारतीयों को लैब में बनाए जाने वाले हीरों से जुड़ी पूरी व्यवस्था पर नियंत्रण रखना चाहिए और दुनिया में मजबूत पहचान रखने वाले ब्रांड बनाने चाहिए। मुंबई में 52वें 'इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स' देने के बाद शाह ने कहा कि भारत के पास अब लैब-ग्रोन डायमंड का एक कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) उद्योग बनाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी मौजूद है और सरकार इस सेक्टर के विस्तार में मदद के लिए पॉलिसी सपोर्ट देने को तैयार है।

शाह ने कहा कि 2025 में भारत का रत्न और आभूषण निर्यात 2.44 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया जो देश के कुल माल निर्यात का 6.3 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि लैब में बनाए जाने वाले हीरों से जुड़ी पूरी व्यवस्था भारत के लोगों के नियंत्रण में होनी चाहिए। सूरत और मुंबई के लोगों ने इसे करके दिखाया है।’ उन्होंने कहा कि इसमें हीरे बनाने वाली मशीनों का निर्माण, हीरों का उत्पादन, आभूषण तैयार करना, ब्रांड विकसित करना या दुनिया भर में भारतीय कंपनियों के शोरूम खोलना शामिल है।

‘केंद्र लाएगा पॉलिसी: केंद्रीय मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र के लिए एक नीति लाएगी जबकि गुजरात और महाराष्ट्र सरकारें भी अपनी नीतियों पर काम कर रही हैं।