Strict Action On Adulteration In Paneer Hotels restaurants Will Also Be Closely Monitored Know The Rules
पनीर में वनस्पति फैट मिलाया तो होगी कार्रवाई, होटल-रेस्तरां पर भी नज़र
नवभारतटाइम्स.कॉम•
पनीर की तीन श्रेणियां, वसा के हिसाब से तय होंगे नियम
फूड सेफ्टी मानकों के अनुसार पनीर और छेना को दूध की वसा और पानी की मात्रा के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। सामान्य या फुल फैट पनीर-छेना में छेना में अधिकतम 65 प्रतिशत और पनीर में 60 प्रतिशत पानी हो सकता है, जबकि दूध की वसा कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए। इसे खुला या पैकेट, दोनों तरह बेचा जा सकता है। मीडियम फैट पनीर-छेना में छेना में अधिकतम 65 प्रतिशत और पनीर में 60 प्रतिशत पानी हो सकता है। इसमें दूध की वसा 20 प्रतिशत से ज्यादा और 50 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। इसे सिर्फ सीलबंद पैकेट में ही बेचा जा सकता है और पैकेट पर मीडियम फैट पनीर या छेना’ लिखना जरूरी है। वहीं, लो फैट पनीर-छेना में अधिकतम 70 प्रतिशत पानी हो सकता है और दूध की वसा 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसे भी केवल सीलबंद पैकेट में बेचा जा सकता है और पैकेट पर लो फैट पनीर या छेना लिखना जरूरी है।कोट