मुश्किलों में सृजन

नवभारतटाइम्स.कॉम•
o henry the journey of a great storyteller emerging from adversity
19वीं सदी में अमेरिका में एक कहानीकार हुए, विलियम सिडनी पोर्टर। उन्होंने जीवन में कई काम किए- फार्मासिस्ट, ड्राफ्ट्समैन, पत्रकार और बैंक कर्मचारी। उन्होंने एक अखबार भी निकाला, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। आर्थिक परेशानियों के बीच उनके जीवन में एक कठिन मोड़ आया। बैंक में काम करने के दौरान उन पर धन के गबन का आरोप लगा। मुकदमे से पहले वह कुछ समय के लिए अमेरिका से बाहर चले गए, लेकिन बेटी की चिंता में लौटकर अदालत में आत्मसमर्पण किया। उन्हें सजा मिली। उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी बेटी की आर्थिक मदद के लिए उन्होंने कहानियां लिखनी शुरू कीं। वह कहानियां अलग-अलग नामों से पत्रिकाओं को भेजते रहे। इसी दौर में ‘ ओ. हेनरी ’ नाम सामने आया, जो आगे चलकर दुनिया भर में मशहूर हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने पूरी तरह लेखन को अपना लिया। उनकी कहानियों में आम आदमी की जिंदगी, प्रेम, त्याग और अप्रत्याशित मोड़ दिखाई देते हैं। ' द गिफ्ट ऑफ द मैगी ', ' द लास्ट लीफ ' प्रसिद्ध कहानियों में है। उनका जीवन सिखाता है कि मुश्किल हालात सृजनशीलता को नहीं रोक सकते।