प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर साझा किए प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक, सिखाया परोपकार का पाठ

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लगातार तीन दिनों तक प्रेरणादायक संस्कृत श्लोक साझा कर लोगों को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों से अवगत कराया है। गुरुवार को उन्होंने एक श्लोक साझा किया जिसका अर्थ है कि बुद्धिमान लोग मुश्किल समय में भी हिम्मत नहीं हारते। इससे पहले बुधवार को उन्होंने परोपकार और कल्याणकारी कर्म करने का संदेश दिया था, और मंगलवार को आत्मसम्मान व सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा दी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को 'एक्स' पर यह संस्कृत श्लोक साझा किया: "आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः। इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना॥" इस श्लोक का सीधा हिंदी अर्थ है कि ज्ञानीजन, जिनकी बुद्धि स्थिर और दृढ़ होती है, वे संकट और कठिन परिस्थितियों में भी कभी अपना उत्साह नहीं खोते। यह संदेश उन लोगों के लिए है जो मुश्किलों से घबरा जाते हैं।
बुधवार को प्रधानमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण श्लोक साझा किया था। उन्होंने लिखा था: "एतावज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु। प्राणैरर्थैर्धिया वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥" इस श्लोक का अर्थ है कि मनुष्य का जन्म तभी सफल होता है जब वह अपने शरीर की शक्ति, धन, बुद्धि और वाणी का उपयोग दूसरों की भलाई और कल्याण के लिए करे। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।

मंगलवार को भी प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक प्रेरणादायक श्लोक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था: "उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्। अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥" इस श्लोक का हिंदी में मतलब है कि इंसान को हमेशा अपना सिर ऊंचा रखकर, साहस और स्वाभिमान के साथ जीना चाहिए। असली बहादुरी इसी में है कि हम किसी भी हालत में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता न करें। हमें सच, धैर्य और आत्म-सम्मान के साथ अपने आदर्शों पर डटे रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लगातार साझा किए जा रहे ये श्लोक लोगों को जीवन में सकारात्मकता, परोपकार और आत्म-सम्मान बनाए रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह उनके सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ने और उन्हें अच्छे विचारों से अवगत कराने का एक तरीका है।