आयुर्वेद से मानसिक स्वास्थ्य: मन, शरीर और आत्मा के संतुलन के लिए योग और ध्यान

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 20 अगस्त। आयुष मंत्रालय ने बताया है कि आयुर्वेद मानसिक स्वास्थ्य को सिर्फ तनाव या चिंता तक सीमित नहीं रखता, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच तालमेल को महत्व देता है। मंत्रालय के अनुसार, एक संतुलित जीवनशैली से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना, नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या से मानसिक थकान बढ़ जाती है। ऐसे में, स्वस्थ जीवनशैली के साथ कुछ पारंपरिक योग और आयुर्वेदिक तरीके मन को शांत रखने में मदद कर सकते हैं।

आयुर्वेद में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए शिरोधारा, शिरो अभ्यंग, ध्यान, प्राणायाम और योगासन जैसी प्रक्रियाओं को बहुत खास माना जाता है। शिरोधारा में माथे पर धीरे-धीरे औषधीय तेल की धार डाली जाती है। यह तरीका बहुत सुकून देने वाला होता है और व्यक्ति को आराम महसूस कराता है। इसी तरह, शिरो अभ्यंग यानी औषधीय तेल से सिर की मालिश भी तनाव और थकान के बीच राहत पहुंचाती है।
ध्यान, यानी किसी एक चीज़ पर मन को केंद्रित करने का अभ्यास, मन को शांत करने और विचारों को व्यवस्थित करने में सहायक होता है। रोज़ाना कुछ देर शांत बैठकर ध्यान करने से व्यक्ति अपने मन पर बेहतर नियंत्रण पा सकता है। वहीं, प्राणायाम में सांस लेने और छोड़ने की खास तकनीकों का अभ्यास किया जाता है। नियमित रूप से प्राणायाम और योगासन करने से शरीर सक्रिय रहता है और मन भी हल्का व संतुलित महसूस करता है।

हालांकि, इन अभ्यासों का पूरा फायदा तभी मिलता है जब इन्हें स्वस्थ खान-पान, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और एक संतुलित दिनचर्या के साथ अपनाया जाए। आयुष मंत्रालय ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर यह जानकारी साझा की है।

आयुर्वेद के अनुसार, मन, शरीर और आत्मा का संतुलन ही अच्छा मानसिक स्वास्थ्य है। जब हमारी जीवनशैली सही होती है, तो इसका अच्छा असर हमारे दिमाग और शरीर पर भी दिखता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में काम का बोझ, लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन देखना, कम सोना और समय पर काम न करना, ये सब चीजें हमारे दिमाग को थका देती हैं।

ऐसे में, कुछ पुराने आयुर्वेदिक तरीके और योग हमारे मन को शांत रखने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। आयुष मंत्रालय ने बताया कि शिरोधारा एक ऐसी ही प्रक्रिया है जिसमें माथे पर धीरे-धीरे औषधीय तेल की एक पतली धार गिराई जाती है। यह बहुत आरामदायक होती है और तनाव कम करने में मदद करती है।

इसके अलावा, शिरो अभ्यंग, यानी सिर की मालिश, भी तनाव और थकान को दूर करने का एक शानदार तरीका है। यह सिर को आराम पहुंचाता है और मन को शांत करता है। ध्यान का अभ्यास मन को एकाग्र करने और विचारों को व्यवस्थित करने में मदद करता है। रोज़ाना कुछ मिनट ध्यान करने से आप अपने मन को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और उस पर काबू पा सकते हैं।

प्राणायाम, जिसमें सांस लेने और छोड़ने की खास तकनीकें सिखाई जाती हैं, भी मानसिक शांति के लिए बहुत फायदेमंद है। नियमित रूप से प्राणायाम और योगासन करने से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन भी हल्का और संतुलित महसूस करता है।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि इन सभी अभ्यासों का सबसे अच्छा परिणाम तब मिलता है जब इन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली के साथ जोड़ा जाता है। इसमें पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और एक व्यवस्थित दिनचर्या शामिल है। किसी भी आयुर्वेदिक उपचार या प्रक्रिया को अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।