कूर्मासन योग: मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कछुआ मुद्रा के फायदे
कूर्मासन योग: मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कछुआ मुद्रा के फायदे
NewsPoint•
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और कसरत न करने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें होना आम बात है। लेकिन, अगर हम अपनी जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर योग और सही खान-पान पर ध्यान दें, तो इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। ऐसा ही एक खास योग है कूर्मासन, जिसे करने से न सिर्फ शरीर को आराम मिलता है, बल्कि मन को भी शांति मिलती है।
कूर्मासन का नाम संस्कृत शब्द 'कूर्म' से आया है, जिसका मतलब होता है कछुआ। इसीलिए इसे 'कछुआ योग' भी कहते हैं। इस आसन को करने से साधक खुद को मानसिक परेशानियों से ऐसे बचा लेता है, जैसे कछुआ खतरे के समय अपने खोल में छिप जाता है। रोजाना इस आसन को करने से आप मानसिक रूप से काफी स्वस्थ महसूस करने लगते हैं।आयुष मंत्रालय और योग की पुरानी किताबों के मुताबिक, कूर्मासन (कछुआ मुद्रा) एक एडवांस योगासन है। इसमें शरीर की बनावट कछुए जैसी हो जाती है। इस आसन का मुख्य काम वात (गैस) से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है। यह टेढ़ी-मेढ़ी रीढ़ की हड्डी को सीधा करने और उसमें खून का दौरा बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह पेशाब और यौन संबंधी समस्याओं, पीठ दर्द और पेट की गड़बड़ियों में भी फायदेमंद है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और पाचन तंत्र को बेहतर करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। योग की प्राचीन पोथियों में भी इस आसन का जिक्र मिलता है।
मानसिक सेहत के लिए भी कूर्मासन को बहुत असरदार योगासन माना जाता है। यह मन को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करता है। जो लोग लगातार चिंता और दिमागी दबाव महसूस करते हैं, उनके लिए यह आसन बहुत राहत दे सकता है। इसे करने से ध्यान लगाने की शक्ति बढ़ती है और दिमाग शांत रहता है।
कूर्मासन करते समय कुछ सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है। जिन लोगों को घुटनों, कमर, कंधों या रीढ़ की हड्डी में दर्द की शिकायत है, उन्हें किसी एक्सपर्ट की सलाह के बिना यह आसन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और गंभीर गठिया या सायटिका (साइटिका) जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी इस आसन से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
आजकल की बिजी लाइफ में हम अक्सर अपने शरीर का ध्यान नहीं रख पाते। गलत खान-पान और एक्सरसाइज की कमी से कई तरह की बीमारियां हमें घेर लेती हैं। लेकिन, योग हमें इन सब से बाहर निकलने का रास्ता दिखाता है। कूर्मासन जैसे आसन हमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से मजबूत बनाते हैं। यह आसन हमें सिखाता है कि कैसे हम मुश्किलों का सामना करते हुए भी शांत रह सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे कछुआ अपने कवच में सुरक्षित रहता है।
यह आसन सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। जब हम रोजमर्रा की जिंदगी में तनाव और चिंता से घिरे होते हैं, तो कूर्मासन हमें सुकून का अहसास कराता है। यह हमारे दिमाग को शांत करता है और हमें बेहतर तरीके से सोचने-समझने की शक्ति देता है।
हालांकि, किसी भी योगासन को करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि हम अपनी शारीरिक सीमाओं को समझें। अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो योग गुरु या डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सही तरीके से किया गया योग हमें स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में मदद करता है।