मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बाढ़: नर्मदा, मंदाकिनी उफान पर, 3000 से अधिक लोग राहत शिविरों में

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भोपाल, 21 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नर्मदा और मंदाकिनी सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिसके चलते प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर जिलों में सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, कई इलाकों में पानी भर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मैहर और डिंडोरी में स्कूल और डिंडोरी में आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद कर दिए गए हैं। रीवा जिले में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां 27 राहत शिविरों में करीब 3,000 लोगों को ठहराया गया है और अब तक 4,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। डिंडोरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इन जिलों के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए कमर कस ली है और राहत व बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। मैहर और डिंडोरी में स्कूलों को बंद कर दिया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डिंडोरी में तो आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
रीवा जिले में बाढ़ का सबसे बुरा असर देखा जा रहा है। शुक्रवार तक के आंकड़ों के अनुसार, 27 राहत शिविरों में लगभग 3,000 लोगों को आश्रय दिया गया है। बाढ़ में फंसे 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राजस्व अधिकारी, पुलिस और रेस्क्यू टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं। मऊगंज में अष्टभुजा नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी का पानी नैगढ़ी गांव तक पहुंच गया है। इस बीच, अमृत योजना के तहत निर्माण कार्य कर रहे चार मजदूर नदी में फंस गए, जिनमें से एक मजदूर तेज बहाव में बह गया।

डिडोरी में भी हालात चिंताजनक हैं। खेरमेर नदी के उफान पर आने से डिंडोरी-मंडला स्टेट हाईवे को बंद करना पड़ा है। नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। एहतियात के तौर पर, डिंडोरी में 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। पन्ना जिले में भी इसी तरह के कदम उठाए गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोदावरी गुफाओं को भी बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया है कि मध्य प्रदेश में बारिश का यह दौर 25 अगस्त तक जारी रहेगा। पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की संभावना अधिक है। इसके बाद, बारिश धीरे-धीरे मध्य और पश्चिम-मध्य हिस्सों में भी बढ़ेगी। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुल 599 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 675.1 मिलीमीटर है। इसका मतलब है कि कुल 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत और पश्चिमी एमपी में 12 प्रतिशत की कमी देखी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस कमी का कारण पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र और मॉनसून ट्रफ है।

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