पंजाब कांग्रेस में Cm चेहरे की मांग तेज: चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व की वकालत, रंधावा ने हाईकमान को दिया संदेश
पंजाब कांग्रेस में CM चेहरे की मांग तेज: चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व की वकालत, रंधावा ने हाईकमान को दिया संदेश
NewsPoint•
पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी चुनावों में पार्टी का चेहरा बनाने की मांग एक बार फिर ज़ोरों पर है। चन्नी के समर्थक लगातार पार्टी आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं। इसी कड़ी में, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लुधियाना से पार्टी नेतृत्व को सीधा संदेश देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। रंधावा ने कहा कि पंजाब को चरणजीत सिंह चन्नी जैसे मुख्यमंत्री की ज़रूरत है। उन्होंने चन्नी के छोटे से मुख्यमंत्री कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि कम समय में भी उन्होंने सरकार चलाते हुए कई अहम काम किए और आज भी पंजाब के लोग उन्हें याद करते हैं। रंधावा के इस बयान को आगामी चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद के चेहरे की संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
रंधावा का आलाकमान को सीधा पैगामलुधियाना में मीडिया से बात करते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी आलाकमान के सामने चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसे मुख्यमंत्री की ज़रूरत है जिसके पास प्रशासनिक अनुभव हो और जो समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच तालमेल बिठा सके। रंधावा ने चरणजीत सिंह चन्नी की राजनीतिक क्षमता का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने का अनुभव है। उन्होंने यह भी कहा कि चन्नी के पास 'सोशल इंजीनियरिंग' का संतुलन है, जो पंजाब जैसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से विविध राज्य के लिए बहुत ज़रूरी है।
चन्नी के 111 दिन के कार्यकाल पर ज़ोर
चरणजीत सिंह चन्नी का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल करीब 111 दिनों का रहा था। चन्नी समर्थक नेता अब इसी छोटे से कार्यकाल की उपलब्धियों को लगातार प्रचारित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर चन्नी के 111 दिन के शासन के दौरान किए गए कामों को गिनाते हुए समर्थक उन्हें आगामी चुनावों में मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग कर रहे हैं। चन्नी खेमे की रणनीति के तहत उनके छोटे कार्यकाल को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि कम समय मिलने के बावजूद चन्नी ने आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों पर फैसले लिए और उनकी सरकार की नीतियों का असर जनता पर साफ दिखा।
कांग्रेस में जारी है खींचतान
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और आगामी चुनावों की रणनीति को लेकर लंबे समय से अलग-अलग नेताओं के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं। ऐसे में, चन्नी को सीएम फेस बनाने की मांग का फिर से तेज़ होना पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों को और भी अहम बना देता है। चन्नी समर्थक गुट की ओर से सोशल मीडिया के साथ-साथ सार्वजनिक मंचों पर भी उनके पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, पार्टी आलाकमान की ओर से अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।
रंधावा का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब कांग्रेस चुनावी तैयारियों और संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उनके बयान से यह संकेत ज़रूर मिला है कि पार्टी के भीतर एक वर्ग चरणजीत सिंह चन्नी को भविष्य के नेतृत्व के लिए एक मज़बूत दावेदार के तौर पर देख रहा है। अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस आलाकमान चन्नी समर्थक नेताओं की मांग पर क्या रुख अपनाता है और आगामी चुनावों के लिए पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताता है।
समर्थकों का तर्क: अनुभव और जन जुड़ाव
चन्नी समर्थकों का कहना है कि चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने छोटे से कार्यकाल में भी जनता से जुड़े कई अहम फैसले लिए। उन्होंने सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी, जो एक बड़ा कदम था। इसके अलावा, उन्होंने बिजली के बिलों में भी राहत दी। इन फैसलों से आम आदमी को सीधा फायदा पहुंचा और यही वजह है कि आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। समर्थकों का मानना है कि चन्नी के पास जमीनी हकीकत की समझ है और वे आम आदमी की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उनका कहना है कि पंजाब को ऐसे नेता की ज़रूरत है जो सिर्फ वादे न करे, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम करे।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व का संकट एक बड़ा मुद्दा है। पार्टी को एक ऐसे चेहरे की ज़रूरत है जो सभी गुटों को साथ लेकर चल सके और जनता का विश्वास जीत सके। चरणजीत सिंह चन्नी के पास मुख्यमंत्री के तौर पर काम करने का अनुभव है और वे दलित समुदाय से आते हैं, जो पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। ऐसे में, उन्हें सीएम फेस बनाने से पार्टी को फायदा हो सकता है। हालांकि, यह भी देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस मांग पर क्या फैसला लेता है और क्या वे सभी नेताओं को एक साथ लाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।
आला कमान का इंतजार
फिलहाल, पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टी आलाकमान इस मामले पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नेताओं के बयानों से यह साफ है कि पार्टी के भीतर एक वर्ग चरणजीत सिंह चन्नी को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को ही लेना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चन्नी समर्थक अपनी मांग मनवाने में कामयाब होते हैं या पार्टी किसी और चेहरे पर दांव लगाती है। पंजाब कांग्रेस के भविष्य के लिए यह फैसला बहुत अहम साबित होगा।