थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमरनाथ यात्रा सुरक्षा की समीक्षा की, जम्मू कश्मीर में सेना की तैयारियों का जायजा
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमरनाथ यात्रा सुरक्षा की समीक्षा की, जम्मू-कश्मीर में सेना की तैयारियों का जायजा
NewsPoint•
नई दिल्ली, 8 जुलाई। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। उन्होंने सेना की तैयारियों का निरीक्षण किया और नियंत्रण रेखा (एलओसी) व भीतरी इलाकों की सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैयारियों और युद्धक क्षमता की समीक्षा की। इस दौरान उन्हें अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी गई। जनरल सेठ ने क्षेत्र में सेना की तैनाती, आतंकवाद-रोधी अभियानों और विभिन्न सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल पर भी जानकारी ली।
थलसेना प्रमुख ने चिनार कोर के मुख्यालय पहुंचकर विभिन्न सैन्य संरचनाओं का दौरा किया। उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य की भी समीक्षा की और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से क्षेत्र में चल रहे अभियानों व सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों को समझा। जनरल धीरज सेठ ने सेना में नई तकनीकों को शामिल करने, सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और सभी तरह के अभियानों के लिए एकीकृत युद्धक तैयारी से जुड़े प्रयासों पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी समीक्षा की।इस दौरे के दौरान, जनरल सेठ ने क्षेत्र में तैनात अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों और जवानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे उनके अनुभव और चुनौतियों के बारे में जाना। थलसेना प्रमुख ने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैनिकों द्वारा दिखाई गई उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा, "सेना के जवानों के अथक प्रयासों के कारण क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।" जनरल सेठ ने सभी जवानों व अधिकारियों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की और उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
थलसेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल आतंकवाद-रोधी अभियानों के साथ-साथ अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। इसके लिए बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। सेना प्रमुख की यह समीक्षा क्षेत्र में सेना की परिचालन तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सेना प्रमुख ने सेना में नई तकनीकों को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने सैन्य क्षमताओं को और मजबूत बनाने के प्रयासों की भी समीक्षा की। जनरल सेठ का मानना है कि सभी प्रकार के अभियानों के लिए एकीकृत युद्धक तैयारी बहुत जरूरी है। उन्होंने आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए किए जा रहे नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। थलसेना प्रमुख ने यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में सेना की परिचालन तैनाती, आतंकवाद-रोधी अभियानों और विभिन्न सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय पर भी जानकारी ली। बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए, यह समीक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जनरल सेठ को क्षेत्र में चल रहे अभियानों और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। जनरल सेठ ने सैनिकों के साथ बातचीत में उनके अनुभवों को सुना और उनकी चुनौतियों को समझा। उन्होंने सैनिकों के जज्बे और समर्पण की खूब तारीफ की।
थलसेना प्रमुख ने कहा कि सैनिकों के अथक प्रयासों से ही क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी हुई है। उन्होंने सैनिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए हमेशा तैयार रहें और देश की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें। यह दौरा सेना की परिचालन तत्परता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।