ट्रेडिंग और टास्क के नाम पर चार लोगों से ठगे "72 लाख

नवभारतटाइम्स.कॉम
72 lakhs duped in noida by luring for work from home earnings new trap by cybercriminals
n NBT रिपोर्ट, नोएडा

हाईटेक शहर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घर बैठे मोटी कमाई का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने लूट का नया और खतरनाक जाल बिछा दिया है। कुछ महीनों के भीतर ठगों ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर चार अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बनाकर करीब 71.74 लाख की चपत लगा दी है। ठगों ने पीड़ितों को पहले वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स में जोड़ा, फिर शुरुआत में छोटा मुनाफा देकर उनका भरोसा जीता और बाद में टैक्स और अतिरिक्त निवेश के नाम पर उनकी गाढ़ी कमाई हड़प ली।
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि सभी पीड़ितों की शिकायतों पर केस दर्ज कर लिए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने रकम ट्रांसफर कराने के लिए म्यूल अकाउंट्स (किराये के बैंक खाते) का इस्तेमाल किया है, जो अक्सर श्रमिकों या बेरोजगार युवाओं के नाम पर खोले जाते हैं। पुलिस इन खातों के ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि गिरोह तक पहुंचा जा सके।

डब्बा ब्रोकर ऐप से 29 लाख की लगी चपत : साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर दो लोगों से 29 लाख ठग लिए। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विजय सिंह, जो एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं, अगस्त 2025 में अहाना गिल और कैथरीन ब्लैक नामक ठगों के संपर्क में आए। ठगों ने उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर डब्बा ब्रोकर ऐप पर निवेश कराया। विजय ने भरोसे में आकर 15 लाख ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने खाता फ्रीज करने की धमकी देकर संपर्क तोड़ दिया। वहीं, नोएडा के निवासी और सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी प्रदीप कुमार को ठगों ने खुद को आनंद राठी ग्रुप का कर्मचारी बताकर झांसा दिया। प्रदीप ने मई से जून के बीच 14 किस्तों में 14 लाख ट्रांसफर किए, जो कभी वापस नहीं मिले।

विडियो लाइक करने के नाम पर 30 लाख की ठगी : ऑनलाइन टास्क के जरिए कमाई का लालच देकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रॉयल नेस्ट अपार्टमेंट के निवासी मनीष कुमार हंस से 29.93 लाख ठग लिए गए। मार्च 2025 में मनीष के पास वॉट्सऐप पर मैसेज आया और उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। शुरुआत में यूट्यूब वीडियो लाइक करने जैसे छोटे टास्क के बदले उन्हें कुछ बोनस दिया गया, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में कुल 29,93,293 जमा करा लिए। रकम निकालने की कोशिश करने पर ठगों ने अतिरिक्त भुगतान की मांग शुरू कर दी, जिससे उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

वॉट्सऐप ग्रुप भरत शाह के जरिए 12.81 लाख की लूट : पीड़ित प्रभात गंगवार को मार्च 2025 में भरत शाह नामक व्यक्ति ने एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा। यहां ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए घर बैठे मुनाफे का दावा किया गया था। शुरुआत में छोटे निवेश पर लाभ दिखाया गया। इसके बाद 25 मार्च से 17 अप्रैल के बीच प्रभात ने करीब 12.81 लाख ठगों के बताए खातों में जमा कर दिए। मुनाफा और मूलधन वापस मांगने पर ठगों ने उनसे संपर्क काट दिया, जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई।