तमिलनाडु मंत्री निर्मल कुमार का दावा: डीएमके और एआईएडीएमके की राजनीतिक ताकत घट रही है

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कोयंबटूर, 8 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने बुधवार को डीएमके और एआईएडीएमके पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां अपनी राजनीतिक ताकत तेजी से खो रही हैं और जल्द ही उनके पास कार्यकर्ता भी नहीं बचेंगे। उन्होंने विपक्ष पर मुख्यमंत्री विजय के करूर दौरे को रोकने की कोशिश करने और कानूनी दांव-पेंचों का इस्तेमाल कर सरकार की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

मंत्री निर्मल कुमार ने मीडिया से बात करते हुए डीएमके पर सवाल उठाया कि वे मुख्यमंत्री के करूर दौरे को लेकर इतनी चिंतित क्यों हैं। करूर में मंदिर सुरक्षा गार्ड अजित कुमार की कथित हिरासत में मौत के मामले की जांच सीबीआई कर रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया था।
निर्मल कुमार का सीधा आरोप है कि विपक्ष का असली मकसद मुख्यमंत्री को करूर जाने से रोकना है। उन्होंने कहा, "अगर मुख्यमंत्री का दौरा इतना महत्वपूर्ण नहीं है तो फिर उन्हें करूर जाने से रोकने की लगातार कोशिशें क्यों की जा रही हैं?" मंत्री ने आगे कहा, "विपक्ष लगातार याचिकाएं दायर कर रहा है। अगर उन्हें अपने पक्ष पर इतना भरोसा है तो फिर मुख्यमंत्री के दौरे से उन्हें चिंता क्यों हो रही है?"

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मामले की सीबीआई जांच पहले से ही चल रही है और जांच एजेंसी ने अभी तक इस मामले में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं किया है। उनके अनुसार, विपक्ष इस जांच का राजनीतिक फायदा उठाना चाहता है और सत्तारूढ़ सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले एक सप्ताह से वे इस मामले का इस्तेमाल कर हमारी पार्टी और हमारे मुख्यमंत्री की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही है।"

निर्मल कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि यही राजनीतिक दल पहले सीबीआई जांच की जरूरत पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन अब वे इसी मुद्दे पर नई याचिकाएं लेकर अदालतों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि डीएमके और एआईएडीएमके सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ अपने सभी राजनीतिक हथकंडे आजमा चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है।

मंत्री ने कहा, "डीएमके और एआईएडीएमके के सभी प्रयास विफल हो चुके हैं। दोनों पार्टियां लगातार कमजोर हो रही हैं। वह दिन दूर नहीं है, जब इन दोनों दलों में मुश्किल से कोई कार्यकर्ता बचेगा।"

यह बता दें कि करूर हिरासत मौत मामले को लेकर तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ टीवीके सरकार और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है।

मंत्री निर्मल कुमार ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री के करूर दौरे को लेकर बेवजह हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि करूर में मंदिर सुरक्षा गार्ड अजित कुमार की हिरासत में मौत के मामले की जांच सीबीआई कर रही है। यह एक गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन विपक्ष इस मामले को राजनीतिक रंग दे रहा है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का असली मकसद मुख्यमंत्री को करूर जाने से रोकना है। मुख्यमंत्री का दौरा वहां के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और वे उनसे मिलना चाहते हैं। लेकिन विपक्ष नहीं चाहता कि मुख्यमंत्री लोगों से मिलें और उनकी समस्याओं को समझें।

निर्मल कुमार ने कहा कि विपक्ष लगातार याचिकाएं दायर कर रहा है और कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर सरकार की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रहेगी। सरकार किसी भी कीमत पर झुकने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा कि डीएमके और एआईएडीएमके दोनों ही पार्टियां लगातार कमजोर हो रही हैं। उनके पास न तो कोई मुद्दा है और न ही कोई कार्यकर्ता। वे केवल अफवाहें फैलाकर और झूठे आरोप लगाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन लोग अब उनके बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

मंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं है जब इन दोनों दलों में मुश्किल से कोई कार्यकर्ता बचेगा। जनता ने उन्हें नकार दिया है और वे इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता मुख्यमंत्री विजय के साथ है और वे सरकार का समर्थन करती है। सरकार जनता के हित में काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। विपक्ष की किसी भी चाल को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

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