श्रीराम मंदिर चंदा विवाद पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का कांग्रेस पर पलटवार, यूसीसी पर भी दिया बयान

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Navbharat Times
जयपुर, 8 जुलाई। राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग कभी राम को काल्पनिक बताते थे और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के विरोधी थे, वे अब चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने का हक नहीं रखते। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने मीडिया के सामने सारी जानकारी रखी है और सब कुछ सुरक्षित है। यह बयान भाजपा की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रताप नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आया, जिसमें सांसद अलका गुर्जर भी मौजूद थीं।

इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत के प्रति अमूल्य योगदान के लिए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प भी दोहराया। मीडिया से बातचीत में मदन राठौड़ ने कहा कि यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए आयोजित किया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर है और उनमें वे संस्कार होने चाहिए जिनकी देश उनसे उम्मीद करता है।
कांग्रेस और उनकी छात्र विंग पर तंज कसते हुए राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया गया, क्योंकि बार-बार पेपर लीक होते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में कोई पेपर लीक नहीं हुआ और नीट पेपर लीक का राजस्थान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बात बच्चे भी समझ रहे हैं।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब एक देश में एक ही कानून हो तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "मुझे समझ में नहीं आता है कि इससे दिक्कत क्यों होगी। जो कानून मेरे उपर लागू है तो वे दूसरे पर भी लागू होगा।" उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा इस मामले में सभी समाजों से सुझाव ले रही है।

वहीं, भाजपा सांसद अलका गुर्जर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टीकरण, वर्ग-भेद और वोट बैंक की राजनीति करने वाले लोग उन सभी मुद्दों से परेशान रहते हैं जो समाज को जोड़ते हैं और देश को आगे ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब तक सिर्फ प्रोपेगेंडा करता रहा है, इसलिए वे वही पुरानी भाषा और राजनीति समझते हैं। गुर्जर ने कहा कि मोदी सरकार विकास के साथ आगे बढ़ रही है और भारतीय संस्कृति को विदेशों में भी स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इन विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी हरकतें करके आम लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विपक्ष को जानती है, समझती है और उन्हें नकार चुकी है।

यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था जहाँ उन्होंने न केवल अपने दिवंगत नेता को याद किया बल्कि वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। मदन राठौड़ के बयान कांग्रेस के उन सवालों का सीधा जवाब थे जो श्रीराम मंदिर के चंदे को लेकर उठाए जा रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग पहले राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते थे, उन्हें अब चंदे की पवित्रता पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ट्रस्ट ने सभी वित्तीय मामलों को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखा है।

युवाओं को देशभक्ति के संस्कार देने की बात पर जोर देते हुए राठौड़ ने कांग्रेस के शासनकाल में पेपर लीक जैसी घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार ने परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखी है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को राजस्थान से जोड़ने की कोशिशों को भी खारिज किया। यह दर्शाता है कि भाजपा युवाओं को अपनी नीतियों से जोड़ने और कांग्रेस के शासनकाल की कमियों को उजागर करने का प्रयास कर रही है।

अलका गुर्जर ने विपक्ष की राजनीति को 'तुष्टीकरण' और 'वोट बैंक' की राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश को जोड़ने वाले मुद्दों से दूर भागता है और केवल ऐसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है जिनसे समाज में विभाजन पैदा हो। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के विकास कार्यों और भारतीय संस्कृति के बढ़ते प्रभाव से विपक्ष घबराया हुआ है और इसीलिए वह ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है। गुर्जर का यह बयान दर्शाता है कि भाजपा विपक्ष को देश विरोधी ताकतों के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक बहुआयामी मंच साबित हुआ, जहाँ उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी, अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, विपक्ष पर तीखे हमले किए और युवा पीढ़ी को देशभक्ति के रंग में रंगने का संकल्प लिया। यह सब जयपुर में आयोजित हुआ और इसका सीधा असर राजस्थान की राजनीति पर पड़ने की उम्मीद है।

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