मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल दिल्ली में: प्रीमियम अनानास की प्रदर्शनी और किसानों के लिए नए बाजार

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 8 जुलाई। मेघालय अपने खास अनानास का जलवा दिखाने के लिए तैयार है। 10 से 12 जुलाई तक दिल्ली हाट में चौथे 'मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल' का आयोजन हो रहा है। इस तीन दिवसीय मेले में राज्य के मशहूर प्रीमियम अनानास की प्रदर्शनी लगेगी। साथ ही, किसानों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए अहम समझौते भी होंगे। यह फेस्टिवल अनानास उगाने वालों, खरीदारों और निर्यातकों को सीधे जोड़ने का एक बड़ा मंच है। इसका मकसद राज्य के बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

इस बार के फेस्टिवल का उद्घाटन 10 जुलाई को होगा। नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य अतिथि होंगे। मेघालय के Chief Minister कॉनराड के. संगमा भी खास मेहमान के तौर पर शिरकत करेंगे। इस साल की सबसे खास बात यह है कि ई-कॉमर्स और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के साथ एमओयू (समझौते) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। राज्य सरकार का मानना है कि इससे अनानास किसानों को बाजार तक पहुंचने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और मार्केटिंग के नए मौके मिलेंगे।
फेस्टिवल में 'मेघालय पाइनएप्पल: ए फोर-एडिशन जर्नी' नाम की एक खास किताब भी लॉन्च होगी। यह किताब 2023 में शुरू हुए इस फेस्टिवल के सफर को बयां करेगी। मेघालय का अनानास अपनी लाजवाब मिठास, कम खटास और खास ब्रिक्स वैल्यू (मिठास का पैमाना) के लिए जाना जाता है। यह देश के प्रीमियम फलों में गिना जाता है। इसकी डिमांड इंटरनेशनल मार्केट में भी बढ़ रही है। किसान-उत्पादक संगठनों के जरिए दुबई और यूएई के बड़े सुपरमार्केट में भी इसका एक्सपोर्ट हो रहा है।

राज्य सरकार के मुताबिक, इस फेस्टिवल में ताजे अनानास की बिक्री पिछले दो सालों में दोगुनी हो गई है। 2023 में जहां 7.7 मीट्रिक टन अनानास बिका था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 15.4 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इस फेस्टिवल ने किसान समूहों को बड़ी रिटेल और फूड कंपनियों के साथ बिजनेस पार्टनरशिप बनाने में भी मदद की है।

यह फेस्टिवल मेघालय की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। 'विजन2032' रोडमैप के तहत खेती को राज्य की आर्थिक तरक्की का मुख्य जरिया बनाने की कोशिश की जा रही है। इस दिशा में 295 करोड़ रुपए का 'मेघालय स्टेट ऑर्गेनिक मिशन' भी काम कर रहा है। इसका लक्ष्य 2028 तक एक लाख हेक्टेयर जमीन को सर्टिफाइड ऑर्गेनिक खेती के दायरे में लाना है। इससे 90,000 से ज्यादा किसानों को फायदा होगा।

ताजे अनानास के अलावा, लोग यहां वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स भी खरीद सकेंगे। किसान समूहों और उद्यमियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिलेगा। साथ ही, Chief Minister के ‘मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोग्राम’ के तहत कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। ये प्रस्तुतियां राज्य की खेती की विरासत और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएंगी।

मेघालय के अनानास की खासियतें इसे खास बनाती हैं। इनकी मिठास 16-18 डिग्री ब्रिक्स वैल्यू तक होती है। यह कम एसिडिटी वाला होता है, जो इसे प्रीमियम फल बनाता है। इस साल के फेस्टिवल में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ होने वाले एमओयू से किसानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद बेचने में आसानी होगी। इससे वे सीधे ग्राहकों तक पहुंच पाएंगे और बिचौलियों का झंझट कम होगा।

यह पहल मेघालय को कृषि के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगी। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 'मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल अनानास की बिक्री बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की कृषि उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाएगा।

इस फेस्टिवल में आने वाले लोग मेघालय के स्वादिष्ट अनानास का स्वाद चखने के साथ-साथ वहां की संस्कृति और कला का भी अनुभव कर पाएंगे। यह एक ऐसा मौका है जहां खेती, व्यापार और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन राज्य के किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है और उन्हें अपने उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने में मदद करेगा।

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