India के रेल माल ढुलाई बाजार को मिलेगी नई गति, टेक्समैको रेल, टोआक्स और ट्रिनिटीरेल की त्रिपक्षीय साझेदारी

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नई दिल्ली, 29 जुलाई। भारत के तेजी से बढ़ते रेल माल ढुलाई (फ्रेट) बाजार को नई जान देने के लिए कोलकाता की टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड, वैश्विक रेल लीजिंग कंपनी टोआक्स ग्रुप और अमेरिका की ट्रिनिटीरेल ग्लोबल इंक. ने हाथ मिलाया है। यह एक बड़ी त्रिपक्षीय साझेदारी है, जिसका मकसद भारत में रेल वैगन (मालगाड़ी के डिब्बे) लीजिंग का एक आधुनिक और एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार करना है। इससे माल ढुलाई को और भी कुशल, सस्ता और आधुनिक बनाया जाएगा। इस समझौते के तहत, ट्रिनिटीरेल ग्लोबल, टोआक्स टेक्समैको रेलकार लीजिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीटीआरएल) में 32 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। फिलहाल, इस संयुक्त उद्यम में टोआक्स ग्रुप और टेक्समैको रेल की 34-34 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा, तीनों कंपनियां अगले 3 से 5 सालों में 100 नई रेलवे रेक्स (मालगाड़ी के डिब्बों के समूह) में निवेश करने की योजना भी बना रही हैं। इस साझेदारी से वैगन बनाने, लीज पर देने, फाइनेंस करने, इंजीनियरिंग, रखरखाव और पूरे जीवन चक्र के प्रबंधन जैसी सभी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी।

इस बारे में टोआक्स ग्रुप के जनरल पार्टनर और सीईओ फैब्रिस वालेव्स्की ने कहा कि उनकी कंपनी पिछले 30 सालों से भारत में कंटेनर लीजिंग का काम कर रही है और यह बाजार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 15 साल पहले उन्होंने फ्रेट वैगन लीजिंग के क्षेत्र में भी कदम रखा था, जो अब तेजी से फैल रहा है। फैब्रिस वालेव्स्की ने यह भी कहा कि भारत जल्द ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रेल बाजार बन सकता है। ऐसे में यहां विकास की बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी भारत में अपने वैश्विक अनुभव, परिवहन की जानकारी और ऑपरेटिंग लीजिंग मॉडल को लाएगी, जिससे भारतीय रेल माल ढुलाई प्रणाली और मजबूत होगी। वालेव्स्की ने भारतीय रेलवे के सुधारों की तारीफ करते हुए कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (समर्पित माल ढुलाई गलियारे) का निर्माण भारत के सबसे दूरदर्शी फैसलों में से एक है। उन्होंने कहा कि यात्री और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग कॉरिडोर बनाने से माल ढुलाई की क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल भारत में माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी लगभग 28 प्रतिशत है और सरकार इसे बढ़ाकर 45 प्रतिशत करना चाहती है। उनका मानना है कि रेलवे द्वारा इस दिशा में उठाए गए हर कदम से परिवहन की लागत कम होगी और भारतीय उद्योग दुनिया भर में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन पाएंगे।
वहीं, ट्रिनिटीरेल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिस्क एंड इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो) पैट्रिक हर्स्ट ने भी भारत सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई अहम सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक अर्थव्यवस्था की सफलता का आधार एक मजबूत और कुशल फ्रेट रेल नेटवर्क होता है। भारत ने इस दिशा में एक मजबूत नींव रखी है और उनकी कंपनी इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित है। रेल वैगन लीजिंग सेक्टर को और गति देने के लिए पैट्रिक हर्स्ट ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे का मौजूदा संचालन मजबूत है, लेकिन अगर निजी निवेश और प्रतिस्पर्धा को और बढ़ावा दिया जाए तो इससे दक्षता, नवाचार और निवेश में काफी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर अमेरिका में माल ढुलाई रेलवे पूरी तरह से निजी क्षेत्र द्वारा संचालित है, जिससे वहां परिचालन क्षमता और निवेश दोनों बेहतर हुए हैं।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के संबंध में इस साझेदारी के बारे में पूछा गया, तो पैट्रिक हर्स्ट ने कहा कि यह पहल पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’, ‘इंडिया में निर्माण’ और भारतीय रेल लीजिंग प्रणाली के विकास के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिस दिशा में भारतीय रेलवे और विनिर्माण क्षेत्र को आगे बढ़ाना चाहते हैं, यह साझेदारी उसी लक्ष्य को मजबूत करने का काम करेगी।

इसके साथ ही, टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के चेयरमैन सरोज कुमार पोद्दार ने कहा कि यह साझेदारी विनिर्माण, लीजिंग और इंजीनियरिंग, तीनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर भारत को आधुनिक रेल मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त उद्यम सरकार के उस लक्ष्य को गति देगा, जिसके तहत देश में माल परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, इससे आधुनिक वैगन डिजाइन, बेहतर रखरखाव व्यवस्था और वित्तीय समाधान विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

यह साझेदारी भारत के रेल माल ढुलाई क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखती है। तीनों कंपनियों की विशेषज्ञता और निवेश से भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने और माल ढुलाई को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलेगी। टोआक्स ग्रुप का कंटेनर लीजिंग और फ्रेट वैगन लीजिंग का लंबा अनुभव, ट्रिनिटीरेल ग्लोबल की इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता, और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड की भारत में मजबूत उपस्थिति, इस साझेदारी को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि भारत में रेल माल ढुलाई का महत्व लगातार बढ़ रहा है। सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल है। सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण। इन सुधारों से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और लागत कम होगी, जिससे भारतीय उद्योग वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

इस साझेदारी के माध्यम से, भारत में वैगन लीजिंग का एक नया युग शुरू होगा। यह न केवल माल ढुलाई को आसान बनाएगा, बल्कि नई नौकरियां भी पैदा करेगा और देश की अर्थव्यवस्था को गति देगा। यह भारत को वैश्विक रेल बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने में भी मदद करेगा।

यह साझेदारी भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के अनुरूप है, जो देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इससे न केवल वैगन का निर्माण भारत में होगा, बल्कि लीजिंग और रखरखाव जैसी सेवाएं भी यहीं उपलब्ध होंगी। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कुल मिलाकर, यह त्रिपक्षीय साझेदारी भारत के रेल माल ढुलाई क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यह आधुनिक तकनीक, वैश्विक अनुभव और स्थानीय विशेषज्ञता का एक अनूठा संगम है, जो भारत को माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।