कोलकाता में मुहर्रम पर सख्त नियम: डीजे, हथियार और ऊंचे ताजिए पर रोक
कोलकाता में मुहर्रम पर सख्त नियम: डीजे, हथियार और ऊंचे ताजिए पर रोक
NewsPoint•
कोलकाता, 24 जून (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने मुहर्रम के मौके पर कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस बार मुहर्रम के जुलूसों में हथियारों का प्रदर्शन, डीजे बजाना और बहुत ऊंचे ताजिए निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ये निर्देश शहर में शांति और भाईचारा बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं, और अगले शुक्रवार को होने वाले मुहर्रम के मद्देनजर पुलिस थानों को मंगलवार शाम को भेज दिए गए हैं।
कोलकाता पुलिस ने मुहर्रम के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस बार मुहर्रम के जुलूसों में किसी भी तरह के हथियार नहीं दिखाए जाएंगे। साथ ही, डीजे बजाने और बहुत ऊंचे ताजिए निकालने पर भी रोक लगा दी गई है। ये फैसले शहर में अमन-चैन और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए लिए गए हैं। अगले शुक्रवार को पूरे पश्चिम बंगाल में मुहर्रम मनाया जाएगा, जिसके लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये निर्णय शहर में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिए गए हैं। कोलकाता पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को निर्देश भेज दिए हैं। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि मुहर्रम के दौरान किसी भी नए जुलूस को अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल वही जुलूस निकल सकेंगे जो कई सालों से परंपरागत रूप से आयोजित होते आ रहे हैं।
पुलिस ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ताजिए जरूरत से ज्यादा ऊंचे नहीं होने चाहिए। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बिजली के तारों, केबलों और अन्य ढांचों को कोई नुकसान न पहुंचे और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कोलकाता पुलिस ने यह भी आदेश दिया है कि किसी भी जुलूस में डीजे का इस्तेमाल नहीं होगा। यदि माइक या लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, तो उसे कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही रखना होगा। जुलूस आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी तरह का ध्वनि प्रदूषण न फैले।
पुलिस ने संवेदनशील या भड़काऊ संदेशों से भी बचने की सलाह दी है। अधिकारियों को ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, जुलूस आयोजकों के साथ बैठक कर सभी नियमों की जानकारी देने को कहा गया है।
शुक्रवार को जिन रास्तों से मुहर्रम के जुलूस गुजरेंगे, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूरे आयोजन के दौरान शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि केवल वही जुलूस निकल सकेंगे जो कई सालों से परंपरागत रूप से आयोजित होते आ रहे हैं। इसके अलावा, किसी भी जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान किसी भी नए जुलूस को अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल वही जुलूस निकल सकेंगे, जो कई वर्षों से परंपरागत रूप से आयोजित होते आ रहे हैं। इसके अलावा, किसी भी जुलूस में हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ताजिए जरूरत से ज्यादा ऊंचे नहीं होने चाहिए, ताकि बिजली के तारों, केबलों और अन्य ढांचों को नुकसान न पहुंचे तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोलकाता पुलिस ने यह भी आदेश दिया कि किसी भी जुलूस में डीजे का इस्तेमाल नहीं होगा। यदि माइक या लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाता है, तो उसे कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही रखना होगा। जुलूस आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी तरह का ध्वनि प्रदूषण न फैले। पुलिस ने संवेदनशील या भड़काऊ संदेशों से भी बचने की सलाह दी है और अधिकारियों को ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जुलूस आयोजकों के साथ बैठक कर सभी नियमों की जानकारी देने को कहा गया है। शुक्रवार को जिन रास्तों से मुहर्रम के जुलूस गुजरेंगे, वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूरे आयोजन के दौरान शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।