भाजपा का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर पलटवार, कहा- भारत में मुस्लिमों के लिए सबसे अच्छा देश

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 24 जून: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के उस बयान को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि पिछले 10 सालों में मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव और अत्याचार बढ़ा है और उनकी मस्जिदों व मदरसों को अवैध रूप से तोड़ा जा रहा है। भाजपा का कहना है कि एआईएमपीएलबी का यह बयान कांग्रेस के एजेंडे का हिस्सा है और सच्चाई यह है कि भारत, हिंदू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर मुस्लिम समुदाय के लिए कोई नहीं है। भाजपा नेताओं ने सरकारी योजनाओं के आंकड़ों का हवाला देते हुए इन आरोपों को झूठा बताया है और एआईएमपीएलबी से तर्कों के साथ सामने आने की अपील की है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एआईएमपीएलबी के बयान को "पूरी तरह से झूठ" करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में देश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और विकास के कार्य साफ दिखाई दे रहे हैं। इस तरह के आरोपों में कोई दम नहीं है। खंडेलवाल ने 'वंदे मातरम' का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की आत्मा है और इसके दम पर ही आजादी की लड़ाई लड़ी गई थी। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' गाने से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने भी एआईएमपीएलबी के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे एस. क्यू. आर. इलियास जैसे विद्वान व्यक्ति द्वारा ऐसे बयान सुनकर अचंभित हैं। श्रीनिवास ने बताया कि एआईएमपीएलबी 1973 में कांग्रेस के समर्थन से एक एनजीओ के रूप में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड से ऐसे बयान आना यह साफ दिखाता है कि वे कांग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वे यह दावा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में मुस्लिम समुदाय पर अत्याचार बढ़ा है।

श्रीनिवास ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि अब किसी भी सरकार की जमीन या रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से मस्जिद या मजार नहीं बनाई जा सकती। अगर कोई ऐसा करता है, तो उसे सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के निर्माण के लिए सरकार से अनुमति लेना आवश्यक है। बिना अनुमति के निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। उन्होंने हैरानी जताई कि इलियासी जैसे बुद्धिजीवी वर्ग से ऐसे बयान आ रहे हैं।

श्रीनिवास ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को सरकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मिलता है, और इसमें मुस्लिम समुदाय सबसे आगे है। उन्होंने बताया कि 77.82 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। 71.50 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोगों को फेलोशिप का फायदा मिलता है। 78.13 प्रतिशत डीएफसी लैंडिंग का लाभ मुस्लिम समुदाय को मिलता है। श्रीनिवास ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र सरकार भेदभाव करती, तो ये आंकड़े कैसे सामने आते? उन्होंने एआईएमपीएलबी को सुझाव दिया कि वे किसी तर्क के साथ सामने आएं और 'विक्टिम कार्ड' खेलने से बचें। उन्होंने कहा कि यह 21वीं सदी का भारत है, जहां हर भारतीय के पास सरकारी आंकड़ों की पहुंच है।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मुस्लिम समुदाय को मिल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरे भारत के मुस्लिम समुदाय को मिल रहा है। इसलिए, उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से तर्कों के साथ सामने आने का आग्रह किया।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एआईएमपीएलबी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर आप इस बोर्ड के बयान को गहराई से समझने की कोशिश करेंगे, तो आपको समझ आएगा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी ही बोल रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस ने भी कहा था कि मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। पूनावाला ने कहा कि ये लोग 'अल्पसंख्यक समुदाय' शब्द का इस्तेमाल करते हैं, 'मुस्लिम समुदाय' शब्द का इस्तेमाल करने से बचते हैं। वे वोट बैंक को ऊपर रखते हैं, इसीलिए वे यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) का विरोध करते हैं और 'वंदे मातरम' का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि जब 'वंदे मातरम' गाने की बात उठी थी, तब भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विरोध किया था और आज कांग्रेस के लोग कर रहे हैं। पूनावाला ने यूसीसी को संविधान का हिस्सा बताया और कहा कि यह महिला सशक्तिकरण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने भी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इलियास को शायद यह नहीं पता कि पूरी दुनिया में अगर मुस्लिम समुदाय के लोग कहीं पर अच्छी स्थिति में हैं, तो वह भारत है। उन्होंने कहा कि भारत के मुस्लिमों के लिए भारत से अच्छा देश, हिंदू से अच्छा दोस्त और मोदी से अच्छा प्रधानमंत्री कभी नहीं मिलेगा। भारत से अच्छा संविधान नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने सभी को बराबर का दर्जा दिया है। जब इस देश का बंटवारा हुआ था, तब भी भारत ने खुद को धर्मनिरपेक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति के लोगों के साथ कुछ भी हो सकता है, लेकिन उसे लेकर पूरे देश को बदनाम किया जाए, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से इस तरह के बयानों से बाज आने को कहा।

भाजपा का यह रुख एआईएमपीएलबी के उस बयान के जवाब में आया है जिसमें कहा गया था कि पिछले एक दशक में मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव और अत्याचार में वृद्धि हुई है। बोर्ड ने यह भी आरोप लगाया था कि उनकी मस्जिदों और मदरसों को अवैध रूप से ध्वस्त किया जा रहा है, और मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि भारत सरकार की नीतियां सभी समुदायों के लिए समान हैं और किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है। सरकारी योजनाओं के लाभों का उल्लेख करते हुए, भाजपा ने यह साबित करने की कोशिश की है कि मुस्लिम समुदाय को भी अन्य समुदायों की तरह ही समान अवसर और लाभ मिल रहे हैं।

प्रवीण खंडेलवाल ने 'वंदे मातरम' के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस भावना का विरोध करना देश की आत्मा का विरोध करना है।

टीआर श्रीनिवास ने एआईएमपीएलबी की उत्पत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक एजेंडे के तहत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण को रोकना सरकार का कर्तव्य है, और इसे भेदभाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को सरकारी योजनाओं के लाभों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि ये आंकड़े खुद बोलते हैं और किसी भी प्रकार के भेदभाव के आरोपों को गलत साबित करते हैं।

शहजाद पूनावाला ने एआईएमपीएलबी और कांग्रेस के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों ही 'वंदे मातरम' और यूसीसी जैसे राष्ट्रीय मुद्दों का विरोध कर रहे हैं, जो देश के हित में हैं। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के कारण ये लोग देश की एकता और प्रगति में बाधा डाल रहे हैं।

शाहनवाज हुसैन ने भारत को मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतर देश बताया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और देश ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता का पालन किया है। उन्होंने एआईएमपीएलबी से ऐसे बयानबाजी से बचने की सलाह दी जो देश की छवि को खराब कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, भाजपा का रुख स्पष्ट है कि वे एआईएमपीएलबी के आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं और उन्हें कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा मानते हैं। भाजपा का कहना है कि भारत सरकार सभी नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है।