जम्मू से सोमनाथ पहली ट्रेन रवाना: श्रद्धालुओं में खुशी, सरकार की पहल

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Navbharat Times
जम्मू से सोमनाथ के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिससे जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की। यह 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026' जम्मू-कश्मीर सरकार के संस्कृति विभाग के तहत आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के लोगों के लिए सोमनाथ मंदिर की यात्रा को सुगम बनाना है। इस साल 140 यात्रियों को इस छह दिवसीय यात्रा पर भेजा जा रहा है।

जम्मू से सोमनाथ के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जम्मू-कश्मीर के परिवहन मंत्री सतीश शर्मा ने इस खास मौके पर मौजूद रहकर यात्रियों का उत्साह बढ़ाया। इस यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि उनकी लंबे समय से सोमनाथ के दर्शन करने की इच्छा अब पूरी हो रही है।
यात्री गीता देवी ने आईएएनएस से बात करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मैं पहली बार दर्शन करने जा रही हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं सोमनाथ की यात्रा कर पाऊंगी। इसके लिए मैंने पहले से कोई तैयारी भी नहीं की थी। मेरे बेटे ने बस फॉर्म भर दिया था।" यह दर्शाता है कि सरकार की इस पहल से उन लोगों को भी मौका मिला है जिन्होंने कभी ऐसी यात्रा का सपना भी नहीं देखा था।

एक अन्य यात्री वेद प्रकाश शर्मा ने सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, "पहली बार सरकार सोमनाथ यात्रा का प्रबंध कर रही है, जो बहुत ही अच्छा है। पहले हम कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इतनी दूर दर्शन करने जा पाएंगे।" उनकी बात से यह स्पष्ट होता है कि पहले ऐसी यात्राएं आम लोगों के लिए बहुत मुश्किल थीं, लेकिन अब सरकार की मदद से यह संभव हो पा रहा है।

जनक सिंह ने भी अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं सोमनाथ यात्रा पर जाऊंगा, लेकिन सरकार की वजह से यह संभव हो पाया है। सरकार ने यात्रा के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की है।" उन्होंने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि वे अन्य ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भी ऐसी व्यवस्था करें। इससे पता चलता है कि लोग इस यात्रा से इतने खुश हैं कि वे अन्य तीर्थ स्थलों के लिए भी ऐसी ही पहल की उम्मीद कर रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिक नीलम रानी ने कहा, "मेरे मन में बहुत खुशी है। मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि मैं सोमनाथ की यात्रा पर जा पाऊंगी। भगवान ने बुलाया है, तो हम जा रहे हैं। सरकार की ओर से व्यवस्था करने के कारण ही हम दर्शन करने जा रहे हैं।" उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे इस तरह के और आयोजन करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग तीर्थ स्थानों की यात्रा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोगों को तीर्थ स्थानों पर जाना चाहिए और सनातन धर्म को बढ़ावा देना चाहिए।

यह 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026' जम्मू-कश्मीर सरकार के संस्कृति विभाग के तहत 'जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी' द्वारा आयोजित की जा रही है। यह यात्रा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार हो रही है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ मंदिर की यात्रा को आसान बनाना है। इस साल, सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के यात्रियों के लिए 140 सीटें तय की हैं। यह छह दिन की यात्रा आज से शुरू हो गई है और पहली बार आयोजित की जा रही है।

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