प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में लिया हिस्सा, भारत के सहयोग का वादा दोहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में लिया हिस्सा, भारत के सहयोग का वादा दोहराया
NewsPoint•
विक्टोरिया, 29 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की, जो देश की आजादी की स्वर्ण जयंती का प्रतीक था। इस ऐतिहासिक अवसर पर, पीएम मोदी ने सेशेल्स के विकास में भारत के अटूट समर्थन को दोहराया और दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती और साझा मूल्यों पर जोर दिया। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाई गई, जिसमें भारतीय सेना की टुकड़ियों ने भी परेड में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "देश की आजादी की गोल्डन जुबली के मौके पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लेकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह मौका पिछले पचास सालों में सेशेल्स के लोगों के शानदार सफर के लिए एक बेहतरीन जरिया था।" उन्होंने आगे कहा, "भारत को सेशेल्स के विकास के सफर में एक भरोसेमंद दोस्त और साझेदार के तौर पर उसके साथ खड़े होने पर गर्व है। हमारी साझेदारी साझा मूल्यों और लोगों के बीच करीबी संबंधों के साथ और मजबूत होती जा रही है। मुझे यकीन है कि आने वाले समय में हमारी दोस्ती और भी बढ़ेगी।"यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए हैं। इस खास मौके पर सेशेल्स के सैनिक हवा से पैराशूट के जरिए उतरे और देश की 50वीं सालगिरह का जश्न बड़े ही जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे थे। रविवार को उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में उनके नेतृत्व के लिए सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से नवाजा गया। यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि भारत, सेशेल्स के साथ मिलकर पर्यावरण की रक्षा और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और सेशेल्स के बीच बहुत पुरानी साझेदारी है। यह रिश्ता ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के आपसी संबंधों पर आधारित है। हिंद महासागर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी होने के नाते, सेशेल्स भारत के 'सागर' (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र तरक्की) विजन और ग्लोबल साउथ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता में एक विशेष स्थान रखता है। 'सागर' एक ऐसी पहल है जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र के सभी देशों के बीच सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।
विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत और स्थायी दोस्ती की पुष्टि करेगी और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करेगी।" इसका मतलब है कि दोनों देश मिलकर काम करेंगे ताकि उनके रिश्ते और मजबूत हों और वे एक-दूसरे के साथ हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ा सकें।
स्वतंत्रता दिवस का जश्न भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 50 साल पूरे होने के मौके पर मनाया जा रहा था। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए, भारतीय सेना की टुकड़ियों ने सेशेल्स की आजादी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित नेशनल परेड में भाग लिया। इस भारतीय टुकड़ी में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और इंडियन नेवी मार्चिंग बैंड के सदस्य शामिल थे। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को दर्शाती है, यानी दोनों देश अपनी सेनाओं के बीच भी सहयोग करते हैं।
समारोह के एक हिस्से के तौर पर और पुरानी परंपरा को बनाए रखते हुए, भारतीय नौसेना के जहाज 'तरकश' और 'इक्षक' पोर्ट विक्टोरिया पर डॉक किए गए। यह दिखाता है कि भारत अपनी नौसेना के माध्यम से भी सेशेल्स के साथ जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की इस समारोह में भागीदारी दोनों देशों के बीच गहरी साझेदारी और पुरानी दोस्ती का एक मजबूत प्रमाण है। यह यात्रा न केवल राजनयिक संबंधों के 50 साल का जश्न मनाती है, बल्कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। सेशेल्स जैसे छोटे द्वीप राष्ट्र के लिए भारत का यह समर्थन उसके विकास और सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।