जया किशोरी का मुंबई में पहला डिवाइन कॉन्सर्ट: भजनों को आधुनिक संगीत के साथ पेश करने की नई पहल

NewsPoint
Navbharat Times
मुंबई से जया किशोरी ने अपने पहले 'डिवाइन कॉन्सर्ट' की शुरुआत 28 जून को की, जिसमें बॉलीवुड गानों की जगह सिर्फ भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस आयोजन में आधुनिक संगीत, शानदार मंच और आकर्षक लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया, जिसने युवाओं को भी भक्ति की ओर आकर्षित किया। जया किशोरी ने बताया कि यह उनके लिए एक नई शुरुआत है और वे भविष्य में इसे देश-विदेश के अन्य शहरों में भी ले जाना चाहती हैं। उनका मानना है कि भक्ति संगीत को भी बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट्स की तरह भव्यता और आधुनिकता के साथ पेश किया जा सकता है, ताकि युवा इससे जुड़ सकें।

प्रसिद्ध कथावाचक और आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी ने मुंबई में 28 जून को अपने पहले 'डिवाइन कॉन्सर्ट' का आगाज़ किया। इस खास मौके पर उन्होंने बॉलीवुड गानों की जगह केवल भजनों की प्रस्तुति दी, लेकिन माहौल किसी बड़े म्यूजिकल कॉन्सर्ट से कम नहीं था। आधुनिक साउंड सिस्टम, भव्य मंच, और शानदार लाइटिंग के साथ पेश किए गए भजनों पर बड़ी संख्या में मौजूद युवा श्रद्धालु झूमते हुए नज़र आए। कॉन्सर्ट के बाद जया किशोरी ने कहा कि यह उनके लिए एक नई शुरुआत है और मुंबई से इसकी शुरुआत करना उनके लिए बेहद खास रहा।
जया किशोरी ने उम्मीद जताई कि अगर ईश्वर की कृपा रही तो भविष्य में इस 'डिवाइन कॉन्सर्ट' को देश के हर शहर और विदेशों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कथाओं में तो भजन होते ही हैं, लेकिन लंबे समय से उनके मन में यह विचार था कि क्यों न केवल भजनों को ही एक बड़े स्तर के कॉन्सर्ट का रूप दिया जाए। उनका मानना है कि भक्ति संगीत को भी उसी भव्यता, तकनीक और संगीत के स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है, जैसा आज के बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट्स में देखने को मिलता है।

जया किशोरी ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में युवाओं तक पहुंचने के लिए उनकी पसंद और रुचि को समझना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आजकल हर दूसरे दिन किसी न किसी गायक या कलाकार के कॉन्सर्ट की चर्चा होती है और युवा बड़ी संख्या में उनमें शामिल होते हैं। ऐसे में उन्होंने सोचा कि अगर भजनों को भी उसी कॉन्सर्ट वाली वाइब, आधुनिक संगीत और शानदार प्रोडक्शन के साथ पेश किया जाए, तो युवा सहज रूप से भक्ति की ओर आकर्षित होंगे।

मुंबई में मिले जबरदस्त समर्थन पर जया किशोरी ने खुशी जाहिर की और कहा कि उनकी यह कोशिश उम्मीद से कहीं ज़्यादा सफल रही। बड़ी संख्या में भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लिया, भजन गाए, नृत्य किया और पूरे उत्साह के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन का हिस्सा बने। जया किशोरी ने कहा कि इससे उन्हें विश्वास मिला है कि उनकी सोच सही दिशा में है और पहला कदम सफल साबित हुआ है।

अपने पहले 'डिवाइन कॉन्सर्ट' को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि लोगों का जुड़ाव उन्हें तभी समझ में आ गया था, जब कार्यक्रम पूरी तरह से सोल्ड आउट हो गया था। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति केवल भावनात्मक रूप से ही नहीं, बल्कि समय, मेहनत और आर्थिक रूप से भी किसी आयोजन में निवेश करता है, तो यह इस बात का प्रमाण होता है कि वह उस विचार और उद्देश्य से जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि कथा में आने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं होता, लेकिन इतने बड़े स्तर के आयोजन के लिए लोगों की हर रूप में भागीदारी आवश्यक होती है।

जया किशोरी ने कहा, “अगर पदार्थों के रूप में आप बच्चों के अंदर उत्साह पैदा कर रहे हैं, तो मुझे लगता है वो सही रास्ता नहीं है। लेकिन अगर वो रास्ते से हटाना है, तो बहुत बेहतरीन तरीका है ईश्वर से जोड़ने का। तो रास्ता आप बताइए, मंजिल हम चुनेंगे। तो रास्ता आपका ही है कॉन्सर्ट, पर मंजिल है ईश्वर।” यह बात उन्होंने स्पष्ट की कि कॉन्सर्ट सिर्फ एक माध्यम है, जिसका असली मकसद लोगों को ईश्वर से जोड़ना है।

रेकमेंडेड खबरें