ईरान के विदेश मंत्री की इराक यात्रा: एमओयू, क्षेत्रीय स्थिरता और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा

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Navbharat Times
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इराक के राष्ट्रपति निजार अमेदी और प्रधानमंत्री अली अल-जैदी से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर चर्चा करना था. यह बैठकें वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव के बीच हुईं, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. दोनों देशों ने फिलहाल आपसी हमले रोकने और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने पर सहमति जताई है.

इराक के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, राष्ट्रपति अमेदी ने क्षेत्रीय माहौल को स्थिर बनाने और लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि एक पक्की समझ विकसित करने से स्थिरता आएगी. वहीं, प्रधानमंत्री अल-जैदी ने कहा कि इराक युद्धों को खत्म करने और क्षेत्र में स्थिरता को मजबूत करने के लिए बातचीत का समर्थन करता है. उनके मुताबिक, इससे क्षेत्र के लोगों के लिए विकास और खुशहाली के ज्यादा मौके बनेंगे.
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने संकटों को नियंत्रित करने और मतभेदों को दूर करने में इराक की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि ईरान अपने अरब पड़ोसियों के साथ मजबूत संबंध बनाने और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए इराक के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.

यह बैठकें ऐसे समय में हुईं जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर था. अमेरिका ने हाल ही में ईरानी ठिकानों पर हमले किए थे, जिसका कारण होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ईरान के लगातार हमले थे. इसके जवाब में ईरान ने भी इस इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था.

अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान ने फिलहाल आपसी हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट पर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने पर सहमति जताई है. एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज आसानी से आ-जा सकेंगे, क्योंकि तकनीकी बातचीत जारी रहेगी.

असल में, यह बातचीत पहले स्विट्जरलैंड में होनी थी और इसका मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम था. हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़े तनाव के कारण बातचीत को दोहा में स्थानांतरित कर दिया गया. इससे रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं. यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे क्षेत्रीय तनाव अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को प्रभावित कर सकता है और कैसे देश अपने हितों की रक्षा के लिए बातचीत का सहारा लेते हैं. इराक इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

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