भारत ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस पर सामरिक साझेदारी का प्रदर्शन किया, आईएनएस तरकश और इक्षाक रहे मौजूद
भारत ने सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस पर सामरिक साझेदारी का प्रदर्शन किया, आईएनएस तरकश और इक्षाक रहे मौजूद
NewsPoint•
नई दिल्ली, 29 जून। सेशेल्स ने अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ मनाई, और इस खास मौके पर भारत ने अपनी गहरी दोस्ती और मजबूत सामरिक साझेदारी का शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय सेना की असम रेजिमेंट, भारतीय नौसेना के मार्चिंग दल और नौसैनिक बैंड ने समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के युद्धपोत भी इस उत्सव का हिस्सा बने। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए।
भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस तरकश, जो दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती पर था, 26 जून को ही सेशेल्स की राजधानी पोर्ट विक्टोरिया पहुँच गया था। इसके साथ ही, भारत में ही बना सर्वेक्षण पोत आईएनएस इक्षाक भी वहाँ मौजूद था। इन दोनों पोतों ने राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मार्चिंग दल और नौसैनिक बैंड के साथ मिलकर हिस्सा लिया। भारतीय युद्धपोत सेशेल्स के रक्षा बलों के साथ मिलकर आपसी तालमेल बढ़ा रहे हैं और सामुदायिक गतिविधियों में भी भाग ले रहे हैं। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस तरह की तैनाती समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।सेशेल्स के स्वर्ण जयंती समारोह में भारतीय सैन्य दलों और नौसैनिक जहाजों की भागीदारी दोनों देशों के बीच खास रिश्तों का एक मजबूत प्रतीक है। भारतीय सेना की असम रेजिमेंट के 32 सदस्यों वाले दल ने भी समारोह में मार्च किया। जब भारतीय सैन्य दल दूसरे देशों के राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेते हैं, तो इसे आपसी विश्वास, सैन्य सहयोग और लंबी अवधि की रक्षा साझेदारी का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर कहा कि असम रेजिमेंट और भारतीय नौसेना के दलों की भागीदारी भारत और सेशेल्स के बीच स्थायी और मजबूत मित्रता का एक और प्रमाण है। समारोह के दौरान, भारतीय सैन्य दलों ने परेड करके दोनों देशों के रक्षा संबंधों की मजबूती का संदेश दिया।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से जुड़े गहरे संबंध हैं। समय के साथ, यह रिश्ता रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, विकास परियोजनाओं और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने वाली एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल गया है। भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण 29 जून, सोमवार को देखने को मिला। सोमवार को सेशेल्स ने अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रीय दिवस समारोह का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना का मार्चिंग दल समारोह में शामिल हुआ।
यह सर्वविदित है कि भारत और सेशेल्स के संबंध लंबे समय से मित्रता, सहयोग और विश्वास पर आधारित रहे हैं। समय के साथ, दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विकास, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। इस विशेष समारोह में भारतीय सेना का 32 सदस्यीय मार्चिंग दल शामिल हुआ। सेना के अनुसार, इस मार्चिंग दल में असम रेजिमेंट के सैनिक थे। इस दल का नेतृत्व कैप्टन आर्यन एच. देओलकर ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति वावेल रामकलवान के साथ मुलाकात की और उन्हें भारत की ओर से बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत सेशेल्स के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है और भविष्य में भी सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस पर बधाई देते हुए कहा, "सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस पर हार्दिक बधाई! भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता और सहयोग का रिश्ता हमेशा मजबूत बना रहेगा।"
इस समारोह में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की उपस्थिति ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को भी रेखांकित किया। आईएनएस तरकश और आईएनएस इक्षाक ने न केवल परेड में भाग लिया, बल्कि सेशेल्स के रक्षा बलों के साथ मिलकर विभिन्न अभ्यास और संवाद सत्रों में भी हिस्सा लिया। यह दर्शाता है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है और अपने सहयोगियों की सुरक्षा और स्थिरता में योगदान दे रहा है।
असम रेजिमेंट के सैनिकों की भागीदारी ने भारत की सैन्य शक्ति और उसके गौरवशाली इतिहास का भी प्रतिनिधित्व किया। असम रेजिमेंट, जो अपनी बहादुरी और अनुशासन के लिए जानी जाती है, ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस पर मार्च करके भारत की सैन्य परंपराओं का प्रदर्शन किया। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच सैन्य आदान-प्रदान और संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देती है।
कुल मिलाकर, सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की भागीदारी ने दोनों देशों के बीच गहरे और बहुआयामी संबंधों को एक बार फिर साबित किया। यह न केवल एक राजनयिक सफलता थी, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना और विश्वास को भी मजबूत करने का एक अवसर था। भारत की ओर से प्रधानमंत्री की उपस्थिति और भारतीय सैन्य दलों की भागीदारी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सेशेल्स को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार मानता है और उसके विकास और सुरक्षा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।