रोहित यादव ने 87.05 मीटर थ्रो से जीता गोल्ड, एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई

NewsPoint
87 05 2026
भुवनेश्वर, 29 जून। कलिंगा स्टेडियम में 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का समापन शानदार रहा, जहाँ जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव ने 87.05 मीटर के हैरतअंगेज थ्रो के साथ न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया। इस प्रदर्शन के साथ ही रोहित इस सीजन में भारत की ओर से सबसे लंबी दूरी तक जेवलिन फेंकने वाले खिलाड़ी बन गए हैं और विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। पुरुषों की जेवलिन में यशवीर सिंह और सचिन यादव ने भी सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई किया, जबकि केरल के मुरली श्रीशंकर एम ने लॉन्ग जंप में 8.38 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड जीता। इस चैंपियनशिप में कई एथलीटों ने एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किए, जिसकी घोषणा एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) सोमवार को करेगी। उत्तर प्रदेश ने मेंस टीम ट्रॉफी, हरियाणा ने विमेंस टीम ट्रॉफी और तमिलनाडु ने ओवरऑल टीम चैंपियनशिप जीती।

कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आखिरी दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक यादगार दिन साबित हुआ। जेवलिन थ्रोअर रोहित यादव ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 87.05 मीटर की दूरी तय की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह थ्रो सिर्फ एक मेडल जीतना ही नहीं था, बल्कि यह एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफिकेशन मार्क भी था। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, रोहित इस सीजन में भारत की ओर से सबसे लंबी दूरी तक जेवलिन फेंकने वाले एथलीट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें दुनिया के टॉप थ्रोअर्स की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है, जो श्रीलंका के रमेश थरंगा पथिरगे (92.62 मीटर) के बाद है। इस सूची में भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा भी शामिल हैं, जो 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर हैं।
रोहित यादव का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने पिछले व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। उनका पिछला रिकॉर्ड 83.04 मीटर था, जो उन्होंने 2023 में हासिल किया था। इस बार उन्होंने न केवल अपना व्यक्तिगत रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि मीट रिकॉर्ड को भी पछाड़ दिया, जो पहले 84.35 मीटर था। रोहित की सीरीज भी काफी प्रभावशाली रही। उन्होंने अपने थ्रो की शुरुआत 77.71 मीटर से की, इसके बाद 77.63 मीटर, एक फाउल (जिसमें कोई अंक नहीं मिला), फिर 77.51 मीटर, 79.40 मीटर और अंत में अपने अंतिम प्रयास में 87.05 मीटर का हैरतअंगेज थ्रो फेंका।

मैच के बाद 25 वर्षीय रोहित यादव ने अपने प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वह ट्रेनिंग में लगातार 86-87 मीटर तक थ्रो कर रहे थे, लेकिन प्रतियोगिता में पहले वैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें उम्मीद है कि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। रोहित ने यह भी कहा कि वह एक बड़ी प्रतियोगिता से पहले एक नया बेंचमार्क सेट करने में सफल रहे, जिससे उन्हें खुशी है।

पुरुषों की जेवलिन स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रही। रोहित यादव के बाद, यशवीर सिंह ने 83.72 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि सचिन यादव 82.32 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे और ब्रॉन्ज मेडल जीता। इन दोनों खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क हासिल कर लिया है, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक अच्छी खबर है।

पुरुषों की जेवलिन स्पर्धा के अलावा, लॉन्ग जंप इवेंट में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। केरल के मुरली श्रीशंकर एम ने अपने चौथे प्रयास में 8.38 मीटर की दूरी तय करके गोल्ड मेडल जीता। उनकी सभी वैध छलांगें 8 मीटर से अधिक रहीं, जो उनकी निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है। उनकी सीरीज इस प्रकार रही: 8.06 मीटर, 8.00 मीटर, 8.21 मीटर, 8.38 मीटर और 8.26 मीटर। श्रीशंकर ने कहा कि यह मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धी था, जिसने उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

इस चैंपियनशिप में कई एथलीटों ने एशियन गेम्स के लिए क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किए हैं, जिससे भारतीय दल की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) सोमवार को एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम की घोषणा करेगा, जिसमें इन प्रतिभाशाली एथलीटों के नाम शामिल होने की उम्मीद है।

टीमों की बात करें तो, उत्तर प्रदेश ने 71 अंकों के साथ मेंस टीम ट्रॉफी जीती, जो उनकी पुरुष एथलीटों की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। वहीं, हरियाणा ने 82 अंकों के साथ विमेंस टीम ट्रॉफी पर कब्जा किया, जो उनकी महिला एथलीटों की शानदार परफॉर्मेंस का प्रमाण है। ओवरऑल टीम चैंपियनशिप तमिलनाडु के नाम रही, जिसने 138 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।

चैंपियनशिप के पांचवें दिन के नतीजे भी काफी अहम रहे। पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में विशाल टीके (तमिलनाडु) ने 45.43 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन टाइम (45.97 सेकंड) से बेहतर था। मनु टीएस (केरल) 45.60 सेकंड के साथ दूसरे और जय कुमार (उत्तर प्रदेश) 45.73 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

10,000 मीटर दौड़ में अभिषेक पाल (उत्तर प्रदेश) ने 30:03.88 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड जीता, हालांकि यह एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन टाइम (29:00.00) से थोड़ा पीछे रहा। सावन बरवाल (हिमाचल प्रदेश) 30:08.08 सेकंड के साथ दूसरे और शैलेश कुशवाहा (कर्नाटक) 30:23.13 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

3000 मीटर स्टीपलचेज में बालकिशन (हरियाणा) ने 8:50.18 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड जीता। शारूक खान (उत्तर प्रदेश) 8:53.18 सेकंड के साथ दूसरे और शुभम भंडारे (महाराष्ट्र) 8:54.90 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

पुरुषों की जेवलिन थ्रो में रोहित यादव (उत्तर प्रदेश) 87.05 मीटर, यशवीर सिंह (राजस्थान) 83.72 मीटर और सचिन यादव (उत्तर प्रदेश) 82.32 मीटर के साथ क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन सभी ने एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क (77.87 मीटर) हासिल किया।

पुरुषों की लॉन्ग जंप में श्रीशंकर एम (केरल) 8.38 मीटर, शाहनवाज़ खान (उत्तर प्रदेश) 8.30 मीटर और डेविड पी (तमिलनाडु) 8.06 मीटर के साथ क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन सभी ने एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क (7.91 मीटर) हासिल किया।

4×400 मीटर रिले में तमिलनाडु ने 3:09.32 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जबकि कर्नाटक और केरल 3:09.51 सेकंड के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।

महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में प्राची (उत्तर प्रदेश) ने 53.24 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन टाइम (53.72 सेकंड) से बेहतर था। किरण पहल (हरियाणा) 53.45 सेकंड के साथ दूसरे और देवयानीबा ज़ाला (गुजरात) 53.46 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

10,000 मीटर दौड़ में सीमा (हिमाचल प्रदेश) ने 34:28.75 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड जीता। सोनिया (उत्तराखंड) 34:35.22 सेकंड के साथ दूसरे और रवीना गायकवाड़ (महाराष्ट्र) 35:44.45 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

3000 मीटर स्टीपलचेज में अंकिता (उत्तराखंड) ने 9:44.05 का समय निकालकर गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन टाइम (9:47.53 सेकंड) से बेहतर था। खुशबू गुप्ता (उत्तर प्रदेश) 19:38.47 के साथ दूसरे और कुमारी परु (राजस्थान) 10:52.28 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

महिलाओं की हाई जंप में पूजा (हरियाणा) ने 1.83 मीटर की ऊंचाई पार कर गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क (1.80 मीटर) से बेहतर था। सुप्रिया बी (कर्नाटक) और ख्याति माथुर (उत्तर प्रदेश) दोनों ने 1.80 मीटर की ऊंचाई पार कर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।

हेप्टाथलॉन में पूजा (हरियाणा) ने 5619 अंकों के साथ गोल्ड जीता, जो एशियन गेम्स क्वालिफिकेशन मार्क (5605 पॉइंट्स) से बेहतर था। अनामिका केए (केरल) 5466 अंकों के साथ दूसरे और खुशी (हरियाणा) 5438 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में तमिलनाडु ने 3:35.87 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता, जबकि कर्नाटक 3:36.18 सेकंड के साथ दूसरे और केरल 3:39.70 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इस तरह, 65वीं नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप कई शानदार प्रदर्शनों और एशियन गेम्स के लिए नए क्वालिफायर्स के साथ समाप्त हुई।

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