राफा चौकी फिर से खुली: गाजा में मेडिकल निकासी और मानवीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण
राफा चौकी फिर से खुली: गाजा में मेडिकल निकासी और मानवीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण
NewsPoint•
राफा चौकी फिर से खुल गई है। इससे गाजा के जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा के लिए बाहर ले जाने में मदद मिलेगी। मानवीय सहायता भी पहुंचाई जा रही है। केरेम शालोम चौकी भी खुल गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम ने लाखों लोगों को भोजन और नकद सहायता दी है। वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं जारी हैं।
संयुक्त राष्ट्र, 11 जून (आईएएनएस)। गाजा में मानवीय सहायता के लिए एक बड़ी राहत मिली है क्योंकि राफा चौकी को फिर से खोल दिया गया है। इससे जरूरतमंद मरीजों को इलाज के लिए बाहर ले जाने में मदद मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि मिस्र की सीमा पर स्थित रफा क्रॉसिंग को दो दिन बंद रहने के बाद अब सीमित संख्या में लोगों के आने-जाने के लिए खोल दिया गया है। गाजा लौटने वाले लोगों को भी मदद दी जा रही है। इसके साथ ही, केरेम शालोम/करम अबू सलेम सीमा चौकी को भी खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए खोल दिया गया है, हालांकि अभी भी सब कुछ पूरी तरह से सुचारू नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने यह जानकारी दी है। ओसीएचए के अनुसार, रफा क्रॉसिंग को फिर से खोलना गाजा में फंसे लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता है। इस कदम से चिकित्सा निकासी की प्रक्रिया आसान हो जाएगी, जो पहले बंद होने के कारण रुकी हुई थी।ओसीएचए ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया कि केरेम शालोम/करम अबू सलेम सीमा चौकी को भी खोल दिया गया है। यह चौकी गाजा में खाद्य सामग्री और अन्य मानवीय सहायता पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। हालांकि, अभी भी संचालन पूरी तरह से सामान्य नहीं है क्योंकि यह फिलहाल माल ढुलाई के लिए खुला एकमात्र बिंदु है। इसका मतलब है कि सहायता सामग्री की आपूर्ति में अभी भी कुछ बाधाएं आ सकती हैं।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने बताया कि उसने पिछले महीने गाजा पट्टी में लगभग 14 लाख लोगों तक खाद्य सहायता पहुंचाई। इस सहायता में खाद्य पैकेट, रोटी के बंडल, गर्म भोजन और कुपोषण से पीड़ित लोगों के लिए विशेष उपचार शामिल थे। इसके अलावा, लगभग 5 लाख लोगों को नकद सहायता भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें अपनी जरूरत की चीजें खरीदने में मदद मिली।
लेकिन, गाजा में स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) के अनुसार, मंगलवार को इजरायली बलों के समर्थन वाले फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों ने कई फिलिस्तीनियों को हिरासत में लिया। इनमें फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी के एम्बुलेंस कर्मी भी शामिल थे। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ओएचसीएचआर ने इजरायल से अपील की है कि वह गाजा में सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही, "अंतरराष्ट्रीय कानून के ऐसे उल्लंघनों, जिनमें चिकित्सा सेवाओं में बाधा डालना भी शामिल है, को रोके।"
इस बीच, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायली बलों और वहां बसे लोगों (सेटलर्स) द्वारा हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ओसीएचए के अनुसार, इस साल की शुरुआत से सोमवार तक वेस्ट बैंक में 57 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इनमें 13 बच्चे और 2 महिलाएं शामिल हैं। इन मौतों में से 41 लोगों की मौत इजरायली बलों के हाथों हुई, 13 लोगों को इजरायली सेटलर्स ने मार डाला, जबकि 3 लोगों की मौत के लिए इजरायली बल या वहां बसने वाले लोग जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
इस साल अब तक ओसीएचए ने 230 से अधिक समुदायों में सेटलर्स से जुड़ी 980 से अधिक घटनाएं दर्ज की हैं। इन घटनाओं में लोगों के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं शामिल हैं। प्रतिदिन औसतन 6 ऐसी घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। मानवीय मामलों के कार्यालय ने अपनी अपील दोहराते हुए कहा, "संयुक्त राष्ट्र नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों सहित सभी लोगों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण सम्मान की अपनी अपील दोहराता है।" यह बयान गाजा और वेस्ट बैंक दोनों जगहों पर बिगड़ती मानवीय स्थिति को उजागर करता है।