यमन में सरकारी सेना ने 1,900 से अधिक हमलों में 1,150 हूती लड़ाकों को किया निष्क्रिय
यमन में सरकारी सेना ने 1,900 से अधिक हमलों में 1,150 हूती लड़ाकों को किया निष्क्रिय
NewsPoint•
यमन की सरकारी सेना ने हाल ही में दावा किया है कि पिछले 24 घंटे में 1,900 से अधिक हमलों के दौरान 1,150 से ज्यादा हूती लड़ाके 'निष्क्रिय' किए गए हैं। यह लड़ाई दोनों पक्षों के बीच तेज होती जा रही है। सरकारी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली ने कहा है कि ये हमले हूती समूह के हथियार भंडार, सैन्य शिविर और रसद आपूर्ति मार्गों पर केंद्रित थे। यह लड़ाई यमन के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी मोर्चों पर हो रही है।
प्रवक्ता ने कहा कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य हूती सैनिकों की लड़ाई जारी रखने और अतिरिक्त बल भेजने की क्षमता को कमजोर करना था। उन्होंने बताया कि इस दौरान 180 से अधिक सैन्य और रसद वाहन भी नष्ट हुए हैं। अल-नुजैली ने यह भी कहा कि सरकारी सेना जमीनी स्तर पर लगातार आगे बढ़ रही है और कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर दोबारा कब्जा कर रही है। सऊदी अरब के हवाई अभियान भी यमन की सरकारी सेना का समर्थन कर रहे हैं। यह सैनिक अभियान यमन सरकार द्वारा मोहम्मद अंसारुल्ला द्वारा नियंत्रित इलाकों को वापस लेने के लिए किया जा रहा है। यमन में यह लड़ाई 2014 के अंत से चल रही है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और अन्य उत्तरी क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद, 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन ने यमनी सरकार का समर्थन करने के लिए हस्तक्षेप किया। वर्तमान में ये सरकार दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से चल रही है।
वहीं, हूती लड़ाकों ने भी अपनी तरफ से कमजोर नहीं पड़े हैं। उन्होंने सऊदी अरब के अंदर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। इनमें रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हालिया हमला भी शामिल है। हालांकि, हूती समूह ने यमन की सरकारी सेना के दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस स्थिति ने यमन के अंदर और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा की स्थिति को और भी चिंताजनक बना दिया है। कई नागरिक इस संघर्ष के कारण प्रभावित हो रहे हैं। यमन की स्थिति सुधारने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। दोनों पक्षों के बीच जारी इस संघर्ष ने यमन को और भी अधिक मानवीय संकट की ओर धकेल दिया है।
इस सेन्य कार्रवाई के पीछे तर्क यह है कि यमन के क्षेत्र में लड़ाई को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इस संकट का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। पूरे यमन में लड़ाई के कारण लोग भयानक स्थिति का सामना कर रहे हैं। इस संघर्ष ने यमन के अंदर अकेले ही लाखों लोगों को प्रभावित किया है।