जगत प्रकाश नड्डा ने केलांग में हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर की आधारशिला रखी

NewsPoint•
Navbharat Times
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को केलांग में आईसीएमआर के 'हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर' की आधारशिला रखी। इस केंद्र की स्थापना का उद्देश्य स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। यह हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का अध्ययन करेगा। नड्डा ने कहा कि इस केंद्र से स्वास्थ्य संबंधी खतरों की पहचान और उनसे निपटने के लिए उपाय खोजने में मदद मिलेगी।

नड्डा ने इस अवसर पर कहा कि उच्च ऊंचाई पर ऑक्सीजन का कमी, ठंड, और बदलते मौसम का लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि "इन खास इलाकों की चुनौतियों का व्यवस्थित अध्ययन करने की जरूरत है।" इससे न केवल स्वास्थ्य रखने के सही उपाय पाएंगे, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी।
हर किसी को अच्छी सेहत सेवा मिल सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन बहुत महत्वपूर्ण है। नड्डा ने कहा, "यह सेंटर हिमालयी और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की खास स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।" इस उच्च ऊंचाई वाले अनुसंधान केंद्र का उद्देश्य स्थानीय समुदाय, आदिवासी जनजातियों और वहां तैनात सशस्त्र बलों की भलाई में वृद्धि करना है।

आईसीएमआर और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के बीच सहयोग की सराहना करते हुए, नड्डा ने जाहिर किया कि यह सहयोग स्थानीय विशेषज्ञता और चिकित्सा अनुभव को एकत्रित करेगा। इससे ऊंचाई पर स्वास्थ्य से संबंधित चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी। यह पाठ्यक्रम दीर्घकालिक प्रभाव डालने वाला होगा।

वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अनुसंधान केंद्र की प्रवृत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संयुक्त अनुसंधान पहल ऊंचाई से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के वैज्ञानिक अध्ययन में मददगार होगी। उन्होंने कहा, "सशस्त्र बलों के अनुभव से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।"

सेठ ने उम्मीद जताई कि इस केंद्र में किया जा रहा अनुसंधान मानव शरीर पर ऊंचाई के असर को समझने में मदद करेगा। इससे केवल सैन्य जवानों को ही नहीं, बल्कि वहाँ रहने वाले स्थानीय लोगों को भी लाभ होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईसीएमआर की वैज्ञानिक रिसर्च क्षमता और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज का अनुभव मिलकर ये स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।

इस तरह से, उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का हल निकालना इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य होगा। उन्होंने कोविड-19 वैक्सीन बनाने में आईसीएमआर की भूमिका को भी सराहा। इसे न केवल भारत में, बल्कि दुनियाभर में महामारी से लड़ने में मदद मिली।

उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के अनुसंधान से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी और स्थानीय समुदायों की गुणवत्ता में इजाफा होगा। नड्डा और सेठ ने इस बात पर बल दिया कि रिसर्च आधारित उपाय सेहत के परिणामों को बेहतर बनाएंगे।

केलांग में स्थापित होने वाला यह रिसर्च सेंटर वास्तव में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दूरदराज के इलाकों में सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में सहायक होगा। यहां की कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए यह एक नई उम्मीद की किरण साबित होगा।