अमेरिका में नागरिकता के लिए भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों का लंबा इंतजार, 8.13 लाख आवेदनों का बैकलॉग

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अमेरिका में भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नागरिकता का इंतजार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (यूएससीआईएस) के अनुसार, अगस्त में नागरिकता के लिए लंबित आवेदनों की संख्या 8.13 लाख के पार पहुंच गई। वहीं, अगस्त में सिर्फ 15,349 आवेदन मंजूर हुए, जो कि पिछले दो महीनों से कम हैं। इस स्थिति से खास तौर पर भारतीय नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।

यूएससीआईएस की रिपोर्ट बताती है कि जुलाई में मंजूर हुए आवेदनों की संख्या 16,514 थी, जबकि जून में यह संख्या 18,439 थी। इसके विपरीत, लंबित आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जून में यह संख्या 7,44,412 थी, जो जुलाई में बढ़कर 7,78,489 और अगस्त में 8,13,453 तक पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, लंबित आवेदनों में से 5,13,462 ऐसे थे, जो छह महीने से अधिक समय से पेंडिंग थे। यूएससीआईएस के आंकड़ों के अनुसार, औसतन एक आवेदन को निपटाने में 12.7 महीने लगते हैं।
अगस्त में यूएससीआईएस को 54,492 नए नागरिकता के आवेदन मिले। यह संख्या उस महीने मंजूर किए गए आवेदनों से तीन गुना अधिक है। यह खासतौर पर भारतीयों के लिए चिंता का विषय है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024 में अमेरिकी नागरिक बनने वाले लोगों में भारत दूसरे स्थान पर रहा है। उस वर्ष लगभग 49,700 भारतीय नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं, जो नए नागरिकों का 6.1 प्रतिशत है।

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर पोस्ट किया, “प्रशासन ग्रीन कार्ड धारकों की नागरिकता मंजूरियों को रोक रहा है।” प्रमिला जयपाल, जो कि चेन्नई में जन्मी हैं और बाद में अमेरिकी नागरिक बनीं, प्रतिनिधि सभा की इमिग्रेशन संबंधी उपसमिति में एक महत्वपूर्ण डेमोक्रेट सदस्य हैं।

यूएससीआईएस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्यों मंजूरियों में कमी आई है। यह स्थिति तब देखी जा रही है जब ट्रंप प्रशासन ने कानूनी इमिग्रेशन के कई विकल्पों को सख्त किया है। जिसमें पीईआरएम लेबर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को निलंबित करने का फैसला शामिल है, जो रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए आवश्यक थी।

भारतीय पेशेवरों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है। आमतौर पर, जो स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) होते हैं, वे पांच साल बाद अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति की शादी अमेरिकी नागरिक से हुई है, तो वह तीन साल बाद आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदक को अंग्रेजी और नागरिक शास्त्र की परीक्षा पास करनी होती है और इंटरव्यू भी देना होता है।

कई भारतीय ग्रीन कार्ड धारक वर्षों से, बल्कि दशकों से, देश-वार सीमा के कारण रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनके लिए नागरिकता मिलना एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिससे यात्रा, रिश्तेदारों को स्पॉन्सर करने और मतदान अधिकारों के बारे में अनिश्चितता समाप्त होती है।

नागरिकता प्रक्रिया में देरी का एक बड़ा असर यह भी हो रहा है कि इस साल आवेदन करने वाले कई ग्रीन-कार्ड धारक नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे। इमिग्रेशन वकील आवेदकों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपने आवेदन पूर्ण और सही जानकारी के साथ जमा करें। साथ ही, यूएससीआईएस के पास अपना पता भी हमेशा अपडेट रखें, ताकि अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

सीटों की कमी और प्रक्रिया में देरी ने भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों के लिए स्थिति को और भी कठिन बना दिया है। वे अपनी नागरिकता की उपलब्धि की आस में हैं, लेकिन इसकी राह में अड़चनें आती जा रही हैं।