भाजपा विधायक पवन सिंह ने दिल्ली में एसआईआर विरोधी प्रदर्शनों पर जताया संदेह, कहा फंडिंग का आरोप

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Navbharat Times
भाटपारा, 24 अक्टूबर. भाजपा विधायक पवन सिंह ने दिल्ली में चल रहे एसआईआर विरोधी प्रदर्शनों पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों का मकसद केवल दिल्ली को ही टारगेट करना है जबकि देशहित का सवाल पूरे देश में है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को फंडिंग मिल रही है और उनका एक ही लक्ष्य है, किसी भी तरह भाजपा को कमजोर करना। पवन सिंह ने कहा कि जनता अब इनकी साजिशों को समझने लगी है और पहले जितना समर्थन इन प्रदर्शनों को मिला था, वह घट रहा है।

पवन सिंह ने कहा, "उनके मूवमेंट पर मुझे बिल्कुल संदेह है। संदेह इस लिए है क्योंकि वे सिर्फ दिल्ली को ही टारगेट करते हैं। जब आप खुद कहते हैं कि आप स्टूडेंट्स, युवाओं या देशहित के लिए आवाज उठाते हैं, तो देशहित सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं हो सकता।" उनका कहना है कि देशहित दूसरे राज्यों में भी है, जहां दूसरी पार्टियों की सरकारें हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को वित्तीय मदद मिल रही है और इनका मुख्य उद्देश्य भाजपा को गलत साबित करना है। पवन ने कहा, "मुझे लगता है कि हिंदुस्तान की जनता भी अब इसे काफी हद तक समझने लगी है।" उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है और चीजें खत्म होती जा रही हैं।

भाजपा विधायक ने कहा, "अगर हम सच्चे हैं, तो सच को प्रमाण की जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए मुझे नहीं लगता कि रोकने जैसी कोई बात है। लोग धीरे-धीरे सब समझ रहे हैं।" उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान, पहले जंतर-मंतर पर देश-विरोधी गतिविधियां हुईं। इसलिए दूसरी बार प्रदर्शन रोकने का निर्णय लिया गया।

पवन सिंह ने साफ किया कि जब प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जाकर वही तारीख मांगी, तो यह संदेहास्पद लगा। उन्होंने कहा, "अगर आप कहें कि नहीं, हमें उसी समय प्रदर्शन करना है, तो इसका मतलब कुछ न कुछ योजना है। मुझे लगा कि उसमें कहीं न कहीं देश-विरोधी सोच दिखाई दे रही थी। शायद इसी वजह से Supreme Court ने भी अनुमति नहीं दी।"

उन्होंने कहा कि ऐसे कॉकरोच के लिए ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। "अगर हम सही हैं और हमें लगता है कि हम सही काम कर रहे हैं, तो हमें अपने अच्छे कार्यों को लोगों के सामने रखना चाहिए। ये लोग अपने आप समाप्त हो जाएंगे।" पवन सिंह का मानना है कि प्रदर्शनकारियों के लिए समय और पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसका इस्तेमाल असली समस्याओं से लड़ने में करना चाहिए।

नाजिया खान के दावों पर बात करते हुए पवन ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए और जो भी जरूरी कार्रवाई हो, उसे करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की सुरक्षा के लिए भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि "ऐसा नहीं है कि खतरा नहीं होगा। इससे पहले भी कई बार उत्तर प्रदेश के Chief Minister और अन्य नेताओं को सुरक्षा संबंधी खतरे मिल चुके हैं।"

पवन सिंह ने दिल्ली के व्यापारियों और छोटे कारोबारियों के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा, "बिल्कुल, मुझे लगता है कि उनकी इस अपील पर विचार किया जाना चाहिए। हमारे देश में पूजा-पर्व और दिवाली का समय व्यापारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है।" उन्होंने बताया कि इस दौरान यदि कोई प्रदर्शन होता है जिससे व्यापार प्रभावित होता है, तो उसका सीधा असर व्यापारियों की आय पर पड़ता है।

यह सब कहने के बाद, भाजपा विधायक ने अपने विचार व्यक्त किए कि अब जनता को ये सभी बातें समझ में आ रही हैं। उन्होंने आशा जताई कि जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, लोगों की समझ और भी बढ़ेगी और वो प्रदर्शनकारियों की असलियत जान जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी बात को एक सकारात्मकता के साथ खत्म किया, कि हमें सही दिशा में आगे बढ़ते रहना चाहिए और सच्चाई को लेकर लोगों के सामने आना चाहिए।

इस प्रकार उन्होंने अपनी बातों में स्पष्टता और सच्चाई के साथ यह भी बताया कि अगर भाजपा अपनी नीतियों पर सही है, तो कोई भी विरोध प्रदर्शन उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पवन सिंह का यह बयान न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे देखने का एक अलग नजरिया भी दिया है।

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