देवास जिले में जहरीली शराब से हुई 13 मौतों पर अरुण यादव का हमला, मोहन यादव सरकार पर सवाल

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मध्य प्रदेश के देवास जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई है। ये घटनाएँ 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच हुईं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मौतें जहरीली शराब के कारण हुई हैं। उन्होंने सवाल किया, "बड़े मगरमच्छों पर कब होगी कार्रवाई?" यह सवाल लोगों के मन में गूंज रहा है।

चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई ये मौतें लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। परिजनों का कहना है कि इन लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद उन्हें उल्टी, चक्कर और आंखों की रोशनी में कमी आई। इसके कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई। प्रशासन इन आरोपों को मानने को तैयार नहीं है। वे इस मामले में अलग-अलग कारण बता रहे हैं।
आरोप है कि प्रशासन शराब माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अरुण यादव ने कहा है, "हर मौत के बाद सरकार की खामोशी क्यों?" उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में इससे पहले सागर जिले में भी जहरीली शराब पीने से 20 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। ऐसे में देवास की ये घटनाएँ लोगों को डराने वाली हैं।

कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार माफिया के इशारों पर चल रही है। उन्होंने कहा, "यह सरकार शराब माफिया चला रही है या फिर माफिया सरकार को चला रहा है?" उन लोगों की मौत का शिकार हुए अधिकांश लोग मजदूर हैं और वे शराब का सहारा लेते थे।

राज्य में पिछले कुछ समय से जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला जारी है। लोग इस पर चिंता जताते हैं कि कब ये सिलसिला खत्म होगा। यादव ने कहा, "सागर के बाद देवास में 13 मौतें, शराब पीकर पहले आंखों की रोशनी गई, फिर जिंदगी।"

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंदाना गांव में 9 और बिंजाना गांव में 4 लोगों की मौत हुई है। यह सभी घटनाएँ पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। लोग चाह रहे हैं कि इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाए जाएं ताकि आगे और कोई परिवार इस त्रासदी का शिकार न हो।

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