प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लिया, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति से की मुलाकात

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Navbharat Times
बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने अन्य देशों के नेताओं के साथ समूह फोटो खिंचवाई और क्षेत्रीय संगठन की महत्वपूर्ण बैठकों व चर्चाओं में भाग लिया. इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव से मुलाकात की और भारत-किर्गिस्तान संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया. बिश्केक पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एससीओ के मंच से आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लिया. इस महत्वपूर्ण आयोजन में उन्होंने दुनिया भर के नेताओं के साथ मिलकर एक समूह फोटो खिंचवाई. यह शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा पर केंद्रित था, और प्रधानमंत्री मोदी ने इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया. उन्होंने कई अहम बैठकों और चर्चाओं में भाग लिया, जहाँ उन्होंने भारत के दृष्टिकोण को साझा किया.
शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. यह स्वागत इसलिए भी खास था क्योंकि एक दिन पहले ही उन्होंने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की थी. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और किर्गिस्तान के बीच संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की. उन्होंने यह भी दोहराया कि दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को और भी मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. राष्ट्रपति झापारोव के साथ हुई यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के दौरान हुई प्रमुख द्विपक्षीय मुलाकातों में से एक थी. उम्मीद है कि इस चर्चा से दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा.

रविवार को, जब प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे, तो बिश्केक में मौजूद भारतीय समुदाय ने उनका जोरदार स्वागत किया. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक् स’ पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “India से बिश्केक तक, आज शाम भारतीय समुदाय की ओर से मिला यह खास स्वागत बेहद यादगार रहा.” भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘India माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया. इस अवसर पर किर्गिस्तान के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिनकी प्रधानमंत्री मोदी ने खूब सराहना की. स्वागत कार्यक्रम में योग प्रेमियों के एक समूह ने योग का प्रदर्शन भी किया, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक सुंदर उदाहरण था.

बिश्केक के मानस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किर्गिज गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष अदिलबेक कासिमालीव ने किया. बिश्केक पहुंचने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक् स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “कुछ देर पहले बिश्केक पहुंचा हूं. किर्गिज गणराज्य के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालीव का गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं.” उन्होंने यह भी बताया कि अपनी इस यात्रा के दौरान वे कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे.

शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की दो देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने एक बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसर’ पर आधारित भारत के क्षेत्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे एससीओ सदस्य देशों के साथ मिलकर एक ऐसे क्षेत्र का निर्माण करने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं जो आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथ से मुक्त हो.

प्रधानमंत्री मोदी की यह भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब भारत मध्य एशिया के देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है. एससीओ जैसे मंचों के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भारत का जोर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. यह यात्रा भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को दर्शाती है. एससीओ शिखर सम्मेलन में भाग लेकर, भारत ने अपनी कूटनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई है और क्षेत्रीय स्थिरता व विकास में अपनी भूमिका को मजबूत किया है.