मुनि तरुण सागर महाराज की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, गडकरी और ओम बिरला ने किया नमन
मुनि तरुण सागर महाराज की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, गडकरी और ओम बिरला ने किया नमन
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नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। आज जैन धर्म के महान संत, राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर महाराज की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर देश भर के नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने मुनिश्री के विचारों, उनके ओजस्वी प्रवचनों और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। मुनिश्री तरुण सागर महाराज ने अपने जीवनकाल में सत्य, अहिंसा, संयम और मानव कल्याण के संदेशों को सरल और प्रभावशाली भाषा में समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया। उनके 'कड़वे प्रवचनों' ने लोगों को सच्चाई और सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "जैन मुनि राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन।" यह श्रद्धांजलि मुनिश्री के प्रति उनके सम्मान को दर्शाती है।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक भावुक पोस्ट में कहा, "महान जैन मुनि, राष्ट्रसंत श्री तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण नमन।" उन्होंने आगे कहा कि मुनि श्री ने अपने जोशीले, निडर और प्रेरणादायक प्रवचनों से धर्म को आचरण, आत्मसंयम और मानव कल्याण का मार्ग दिखाया। भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, करुणा और आत्मशुद्धि के संदेश को उन्होंने बहुत ही आसान और असरदार तरीके से समाज के बड़े हिस्से तक पहुंचाया।
केंद्रीय आवास, शहरी मामलों और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने 'एक्स' पर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए लिखा, "सत्य, अहिंसा, करुणा की प्रतिमूर्ति महान संत एवं दार्शनिक, जैन मुनि परम पूज्य श्री तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि आपके कड़वे प्रवचनों और जीवन दर्शन ने लोगों को सच्चाई और सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। आपकी शिक्षा-दीक्षा हमेशा हमारे जीवन को रोशन करती रहेंगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "महान जैन संत, राष्ट्रचिंतक और तपस्वी मुनि श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।" उन्होंने मुनिश्री के चिंतन, संयमित जीवन और सत्य, अहिंसा एवं सदाचार पर आधारित संदेशों की सराहना की, जो समाज को आत्म-चिंतन और अच्छे आचरण की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने कहा, "उनकी पावन स्मृति को कोटि-कोटि नमन।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "समाज में सत्य, संयम और सदाचार के मूल्यों को मजबूत करने वाले महान संत, जैन मुनि श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन!" उन्होंने कहा कि उनके प्रेरणादायक विचार हमेशा समाज को नैतिकता और सही रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, "संत शिरोमणि, जैन मुनि, श्रद्धेय आचार्य तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।" उन्होंने मुनिश्री के प्रवचनों को सार्थक, रचनात्मक और सकारात्मक दिशा देने वाला बताया, जो हमेशा सत्य का बोध कराते हैं और मानव कल्याण के लिए संदेशों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, "जैन धर्म के प्रख्यात मुनि तथा भारत की पावन संत परंपरा के अद्वितीय संवाहक परम पूज्य 'संत शिरोमणि' मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!" उन्होंने कहा कि जीवन को सरल, सहज और तनावमुक्त बनाने का उनका दिव्य मार्गदर्शन आज भी अनगिनत लोगों को आत्मिक शांति, सकारात्मकता और संतुलित जीवन की राह दिखाता है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, "संत शिरोमणि जैन मुनिश्री श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।"
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सत्य, अहिंसा के प्रबल पथप्रदर्शक एवं दया और करुणा की प्रतिमूर्ति, सुविख्यात जैन संत व महान दार्शनिक श्रद्धेय तरुण सागर जी महाराज की पुण्यतिथि पर कोटी कोटी नमन।"
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने लिखा, "जैन मुनि एवं राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।" उन्होंने मुनिश्री के तप, त्याग, संयम और प्रेरणादायक विचारों की प्रशंसा की, जो हमेशा समाज और मानवता को सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
मुनिश्री तरुण सागर महाराज अपने ओजस्वी और निर्भीक प्रवचनों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर उसे जीवन जीने के तरीके के रूप में प्रस्तुत किया। उनके प्रवचन अक्सर समाज की बुराइयों पर कड़वे सच बोलते थे, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा लोगों को बेहतर इंसान बनाना होता था। उन्होंने भगवान महावीर के सिद्धांतों को आम बोलचाल की भाषा में समझाया, जिससे वे हर किसी के लिए सुलभ हो गए। उनकी शिक्षाएं आज भी लोगों को सही राह दिखा रही हैं।