पंजाब में विशेष सफाई अभियान: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में लोगों को किया जागरूक
पंजाब में विशेष सफाई अभियान: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में लोगों को किया जागरूक
NewsPoint•
पटियाला, 1 सितंबर: पंजाब सरकार ने पूरे प्रदेश में चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान के चौथे दिन पटियाला ग्रामीण क्षेत्र में भी जोर-शोर से सफाई का काम किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह खुद त्रिपड़ी मोड़ पर सफाई अभियान में शामिल हुए और लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान नेक नीयत और लोगों की भागीदारी से ही सफल हो सकता है। सरकार और प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आम लोगों के सहयोग के बिना किसी भी शहर को पूरी तरह साफ रखना नामुमकिन है।
डॉ. बलबीर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और अधिकारियों को सिर्फ लोगों को स्वच्छता का संदेश देने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें खुद भी मैदान में उतरकर सफाई अभियान में हिस्सा लेना चाहिए। इससे लोगों के बीच एक अच्छा संदेश जाता है। अगर नेता और अधिकारी सिर्फ भाषण देते रहें और खुद सफाई में शामिल न हों, तो इसका असर बहुत कम होता है। उन्होंने कहा कि अगर पटियाला को फिर से "बागों का शहर" बनाना है, तो इसकी शुरुआत हर व्यक्ति को अपने घर से करनी होगी। पहले घर साफ होगा, फिर गली और मोहल्ला, और उसके बाद पूरा शहर स्वच्छ बनेगा।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि साफ-सुथरे माहौल का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। वहीं, गंदगी जमा होने से कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं। उन्होंने लोगों से पंजाब सरकार की 'अहम सेवा' ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की। इस ऐप के जरिए लोग सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी अपनी समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अगर कहीं कूड़े का ढेर लगा हो, मच्छरों की समस्या हो, सीवरेज की दिक्कत हो, पानी जमा हो या गंदा हो, या फिर अस्पतालों के आसपास गंदगी हो, तो लोग उसकी तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं।
मंत्री ने समझाया कि तस्वीर के साथ जियो-टैग लोकेशन भी दर्ज हो जाएगी। इससे संबंधित विभाग को समस्या वाली जगह की सही जानकारी मिल जाएगी और वे तुरंत कार्रवाई के लिए टीम भेज सकेंगे। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन या ऐप इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं है, वे हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके भी अपनी शिकायत बता सकते हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट के थैलों का इस्तेमाल करना चाहिए। प्लास्टिक की बोतलों और गिलास का उपयोग भी कम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि माइक्रोप्लास्टिक हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। यह पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है और इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हम प्रकृति का ध्यान रखेंगे, तो प्रकृति भी हमारा ध्यान रखेगी।
सफाई अभियान के चार दिन पूरे होने पर लोगों में जागरूकता के बारे में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अभियान का अच्छा असर दिख रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश से लोगों के फोन आ रहे हैं और इस सामूहिक अभियान से समाज में एक नई सोच पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर नागरिक जिम्मेदारी और जागरूकता से काम करें, तो सफाई के साथ-साथ नशे, शिक्षा, रोजगार और दूसरी सामाजिक समस्याओं से निपटने में भी मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और प्रशासन मिलकर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, आम जनता की भागीदारी के बिना किसी भी शहर को पूरी तरह से स्वच्छ बनाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी सिर्फ भाषण देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद भी सफाई अभियान में हिस्सा लेना चाहिए। इससे लोगों को प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने पटियाला को "बागों का शहर" के रूप में फिर से पहचान दिलाने की बात कही और कहा कि यह तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपने घर से शुरुआत करे। पहले घर, फिर गली-मोहल्ला और फिर पूरा शहर साफ होगा। स्वच्छ वातावरण का सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य से है। गंदगी कई बीमारियों को जन्म देती है।
'अहम सेवा' ऐप के बारे में उन्होंने बताया कि यह एक महत्वपूर्ण टूल है। लोग इसके जरिए कूड़े के ढेर, मच्छरों की समस्या, सीवरेज की खराबी, जमा गंदा पानी, असुरक्षित इमारतें, अस्पतालों के आसपास गंदगी जैसी समस्याओं की शिकायत कर सकते हैं। तस्वीर के साथ लोकेशन भी अपलोड करने से विभाग को तुरंत कार्रवाई करने में आसानी होती है। जिन लोगों के पास ऐप नहीं है, वे हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।
प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें। प्लास्टिक की बोतलें और गिलास भी कम इस्तेमाल करें। माइक्रोप्लास्टिक हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक है। इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। प्रकृति का ध्यान रखने से ही हम सुरक्षित रहेंगे।
अभियान के सकारात्मक असर पर उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। सामूहिक प्रयासों से समाज में नई चेतना आ रही है। नागरिक जिम्मेदारी से काम करें तो सफाई के साथ-साथ अन्य सामाजिक समस्याओं से भी निपटा जा सकता है।