जयपुर में कूरियर एजेंट से 38 लाख की लूट, चाकू की नोक पर बंधक बनाकर वारदात को अंजाम

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जयपुर में एक कूरियर एजेंट को चाकू की नोंक पर बंधक बनाकर 38 लाख रुपये लूटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बदमाशों ने एजेंट के साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और फिर उसे कूरियर ऑफिस में फोन करवाकर यह बड़ी रकम मंगवा ली। इस वारदात के बाद पीड़ित ने मानसरोवर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

यह घटना 26 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे हुई, जब माणक चौक निवासी ठाकुर जुगाजी, जो एक कूरियर कंपनी में एजेंट का काम करते हैं, को उनके रायपुर स्थित कूरियर ऑफिस से फोन आया। उन्हें बताया गया कि "गुप्ता रियल एस्टेट" के नाम से उनके पास एक कॉल आएगा और कूरियर पार्सल की जानकारी लेकर उसे डिलीवरी के लिए भेजना होगा। करीब एक घंटे बाद, एक युवक का फोन आया जिसने खुद को "गुप्ता रियल एस्टेट" से जुड़ा बताया। उसने कूरियर पार्सल देने के बहाने ठाकुर जुगाजी को मानसरोवर स्थित जयपुर हॉस्पिटल के पास बुलाया।
जब ठाकुर जुगाजी बताए गए स्थान पर पहुंचे, तो बदमाशों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने एजेंट के साथ मारपीट की और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। जब एजेंट ने विरोध किया, तो उसके साथ फिर से मारपीट की गई। बदमाशों ने एजेंट को अवैध रूप से बंधक बनाए रखा और उस पर लगातार दबाव बनाया।

इसके बाद, आरोपियों ने ठाकुर जुगाजी को अपने रायपुर स्थित कूरियर ऑफिस में फोन करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने धमकी दी कि अगर एजेंट ने उनकी बात नहीं मानी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। डर के मारे, पीड़ित ने कूरियर ऑफिस में फोन किया और बदमाशों के कहे अनुसार 38 लाख रुपये की रकम उपलब्ध कराने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक, इसी तरीके से बदमाशों ने कूरियर ऑफिस से 38 लाख रुपये हासिल कर लिए और फिर मौके से फरार हो गए।

वारदात के बाद, पीड़ित किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। रविवार को पीड़ित की शिकायत पर मानसरोवर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाश कितने लोग थे, क्या उन्होंने पीड़ित की पहले से रेकी की थी, और उन्हें कूरियर एजेंट के पास मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। इस मामले में कूरियर ऑफिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि 38 लाख रुपये किस तरह और किसके जरिए बदमाशों तक पहुंचे। पुलिस वारदात में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

मानसरोवर थानाधिकारी सतीश चंद ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पीड़ित का नाम ठाकुर जुगाजी है और वह रामलला का रास्ता, माणक चौक क्षेत्र का निवासी है। वह एक कूरियर कंपनी में नौकरी करता है। उसने पुलिस को बताया कि 26 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे उसके पास रायपुर स्थित कूरियर ऑफिस से फोन आया था। ऑफिस की ओर से उसे बताया गया था कि जल्द ही "गुप्ता रियल एस्टेट" के नाम से उसके पास फोन आएगा। उससे कहा गया था कि कूरियर पार्सल के संबंध में कॉल पर जानकारी लेकर उसे डिलीवरी के लिए भेजा जाए।

करीब एक घंटे बाद, ठाकुर जुगाजी के मोबाइल पर एक युवक का फोन आया। युवक ने खुद को "गुप्ता रियल एस्टेट" से जुड़ा बताया और कूरियर पार्सल देने के बहाने उसे मानसरोवर स्थित जयपुर हॉस्पिटल के पास बुलाया। पीड़ित के मुताबिक, युवक के बताए स्थान पर पहुंचने के बाद बदमाशों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर उसके साथ दोबारा मारपीट की गई।

बदमाशों ने कूरियर एजेंट को अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा और उस पर लगातार दबाव बनाया। इसके बाद आरोपियों ने उसे अपने रायपुर स्थित कूरियर ऑफिस में फोन करने के लिए मजबूर किया। धमकी देकर ऑफिस से मंगवाए 38 लाख। बदमाशों ने एजेंट से ऑफिस में फोन करवाकर 38 लाख रुपये दिलाने को कहा। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने उनकी बात नहीं मानी तो उसे जान से मार दिया जाएगा। डर के कारण पीड़ित ने कूरियर ऑफिस में फोन किया और बदमाशों के कहे अनुसार रकम उपलब्ध कराने के लिए कहा।

पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने इसी तरीके से कूरियर ऑफिस से 38 लाख रुपये हासिल कर लिए। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। रविवार को पीड़ित की शिकायत पर मानसरोवर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाश कितने लोग थे, उन्होंने पीड़ित की पहले से रेकी की थी या नहीं और उन्हें कूरियर एजेंट के पास मौजूद रकम की जानकारी कैसे मिली। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मामले में कूरियर ऑफिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि 38 लाख रुपये किस तरह और किसके जरिए बदमाशों तक पहुंचे। वारदात में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।