प्रियंका मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार: महिलाओं को सम्मान, न कि 40,000 रुपये का वादा

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उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव के फर्जी और जाति-आधारित एनकाउंटर के आरोपों, चुनाव जीतने पर महिलाओं को 40,000 रुपए देने के वादे और एसटीएफ के खिलाफ उनकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया। मौर्य ने अखिलेश यादव पर महिलाओं के सम्मान को लेकर पाखंड करने का आरोप लगाया और कहा कि वे अपनी पत्नी के लिए भी आवाज नहीं उठा पाते। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार में ही महिलाओं को असली सम्मान मिल रहा है और संसद व विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ रही है। सपा एमएलसी लालबिहारी यादव के विवादास्पद बयान पर भी मौर्य ने पलटवार किया और कहा कि जनता सब समझती है और अखिलेश यादव इस बार सत्ता में आने के लिए पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। उन्होंने एनकाउंटर को सही ठहराते हुए कहा कि अपराधियों का ही एनकाउंटर किया जा रहा है और अखिलेश यादव को अपराधियों को संरक्षण देने वालों का इतिहास देखना चाहिए। मौर्य ने अखिलेश यादव को कन्फ्यूज्ड बताते हुए उनके पीडीए (PDA) के मतलब पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी और ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के महिलाओं को लेकर दिए गए बयानों की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत के संविधान के अनुसार ही सबको रहना होगा।

प्रियंका मौर्य ने आईएएनएस से बातचीत में अखिलेश यादव के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, "महिलाओं के सम्मान की बात कौन कर रहा है? अखिलेश यादव? जो अपनी पत्नी के लिए एक शब्द भी नहीं बोल सकते, जो अपनी पत्नी के सम्मान के लिए तब खड़े नहीं हो सकते जब कोई मौलाना आकर उनकी पत्नी के बारे में बेतुकी बातें करता है? वे चुपचाप बैठे रहते हैं, जैसे मुंह पर ताला लगा हो।" उन्होंने अखिलेश के 40,000 रुपए देने के वादे पर भी तंज कसते हुए कहा, "वे 40,000 रुपए देने की बात करते हैं, 40,000 रुपए मत दीजिए, लेकिन महिलाओं को सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।" मौर्य ने जोर देकर कहा कि असली सम्मान तो मोदी सरकार में ही महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा, "मोदी की Government में ही महिलाओं को सम्मान मिल रहा है। आज महिलाओं से सलाह ली जा रही है, उनके अधिकारों पर बात हो रही है और संसद व विधानसभाओं में महिलाओं की बराबर भागीदारी पर चर्चा हो रही है। महिलाएं चर्चा का विषय बन गई हैं कि महिलाएं जिस भी पक्ष को वोट देंगी, वही पार्टी Government बनाएगी।"
सपा एमएलसी लालबिहारी यादव के उस बयान पर कि "अगर कुत्ते के गले में भी पट्टा बांध दिया जाए, तो उसे भी जिताना होगा", प्रियंका मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा, "क्या उनकी पार्टी के सभी लोग इसी श्रेणी में आते हैं? अगर वे किसी कुत्ते को टिकट देते हैं और उसे जिता भी देते हैं, तो क्या वह कुत्ता जनता का विकास करेगा और महिलाओं को 40,000 रुपए देगा?" मौर्य ने जनता पर भरोसा जताते हुए कहा, "जनता सब कुछ समझेगी, सुनेगी, परखेगी और सही समय पर जवाब देगी। सत्ता में आने के लिए बेताब अखिलेश यादव इस बार पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे।"

अखिलेश यादव द्वारा जातिवाद और जाति देखकर एनकाउंटर किए जाने के आरोपों पर प्रियंका मौर्य ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव कहते हैं कि जातिवाद हो रहा है और जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। तो सबसे पहले, मैं आपको एक बात याद दिलाना चाहती हूं, शिवपाल यादव ने पिछले दिनों कहा था कि जब सत्ता में आएंगे तो आजम को गृह मंत्री बनाएंगे। अपराधियों को संरक्षण देने वाले ये सभी लोग Samajwadi Party के ही लोग हैं।" मौर्य ने एनकाउंटर को सही ठहराते हुए कहा, "इसीलिए, जो एनकाउंटर हो रहे हैं, उनके बारे में कृपया उनका इतिहास देखें। सभी को यह देखना चाहिए कि एनकाउंटर पूरी तरह से सही थे; अपराधियों का ही एनकाउंटर किया जा रहा है।"

अखिलेश यादव के पीडीए (PDA) को लेकर प्रियंका मौर्य ने कहा कि वे पूरी तरह से कन्फ्यूज्ड हैं। उन्होंने कहा, "वे (अखिलेश यादव) पूरी तरह से कन्फ्यूज्ड हैं। कभी वे पीडीए का एक मतलब निकालते हैं, तो कभी एसटीएफ का दूसरा मतलब। Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनकी पूरी पार्टी इस बात को लेकर कन्फ्यूज्ड है कि क्या कहा जाए, और वे बस हर शब्द का फुल फॉर्म बनाने में लगे हुए हैं।" मौर्य ने अखिलेश यादव की सोच पर भी सवाल उठाए और कहा, "इन गुंडों को जरा भी शर्म नहीं आती! जिस सोच और नजरिए के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश चलाया, वे चाहते हैं कि उनका दौर वापस आ जाए। वे बुरी तरह बेचैन हैं; उनके दिलो-दिमाग में बस यही बात है कि सत्ता में आने के लिए जो कुछ भी करना पड़े, वे करें।"

प्रियंका मौर्य ने ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कई इस्लामिक देश हैं, वहां महिलाएं कितना आजाद महसूस करती हैं? आए दिन उन महिलाओं पर कितने अत्याचार होते हैं? अगर आपको हिंदुस्तान में रहना है, तो आपको India के संविधान के अनुसार ही रहना होगा। हिंदुस्तान में यह सब ड्रामा और आतंकवादी जैसी सोच नहीं चलेगी, जैसा कि मैंने पहले भी कहा है।"

देश के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद की ओर से महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रियंका मौर्य ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "यह हिंदुस्तान है और हिंदुस्तान संविधान के अनुसार चलता है। संविधान कहता है कि महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार और हक मिलने चाहिए।" मौर्य ने ऐसे बयान देने वालों की सोच को "आतंकवादियों जैसी" करार दिया और कहा, "इसलिए जो लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं, उनकी सोच पूरी तरह से आतंकवादियों जैसी है, और इसीलिए महिलाओं के प्रति उनके मन में इतनी गंदी सोच है।" उन्होंने आगे कहा, "उनके धर्म में महिलाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार होता है, उससे साफ है कि उनके धर्म में पूरी तरह से अव्यवस्था है, क्योंकि उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामले उन्हीं के धर्म से आते हैं। वे मानते हैं कि महिलाओं को किसी भी सामाजिक स्तर पर बराबरी का हिस्सा नहीं मिलना चाहिए क्योंकि उनकी सोच बहुत गिरी हुई और गंदी है।"