तमिलनाडु विधानसभा में कानून व्यवस्था पर सीएम विजय और विपक्ष के बीच तीखी बहस की उम्मीद
तमिलनाडु विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर सीएम विजय और विपक्ष के बीच तीखी बहस की उम्मीद
NewsPoint•
चेन्नई, 7 सितंबर. तमिलनाडु विधानसभा में आज सोमवार को जोरदार बहस होने की पूरी उम्मीद है. मुख्यमंत्री जोसेफ विजय राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष के तीखे आरोपों का जवाब देंगे. तीन दिन के अवकाश के बाद सदन की कार्यवाही सुबह 9:30 बजे फिर से शुरू होगी. स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने घोषणा की है कि आज 'प्रश्नकाल' नहीं होगा. हालांकि, सरकार अन्य तय कामकाज शुरू करने से पहले एक संशोधन विधेयक पेश करेगी.
इससे पहले, विधानसभा में पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभागों के लिए अनुदान की मांगों पर गरमागरम बहस हो चुकी है. ये दोनों विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आते हैं. विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और एआईएडीएमके विधायक दल के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कानून-व्यवस्था संभालने के तरीके को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है. उदयनिधि ने तो यहां तक कह दिया कि नई सरकार के शुरुआती 116 दिनों में तमिलनाडु "रिवर्स गियर" में चला गया है. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान करीब 550 आपराधिक घटनाएं हुईं, जिनमें लगभग 200 हत्याएं, 300 से ज्यादा यौन उत्पीड़न के मामले, पुलिस से जुड़ी आठ मौतें और 10 ऑनर किलिंग (सम्मान के नाम पर हत्या) की घटनाएं शामिल हैं. पलानीस्वामी ने भी सरकार पर हत्याओं और डकैतियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी हुई है.इस बहस के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वे विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाए गए हर सवाल का विस्तार से जवाब देंगे. मुख्यमंत्री ने डीएमके विधायकों को सदन से वॉकआउट करने के बजाय यहीं रुककर उनका जवाब सुनने की चुनौती भी दी थी. अब जब विजय आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होने की पूरी संभावना है. मुख्यमंत्री द्वारा पुलिसिंग, सार्वजनिक सुरक्षा और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं से संबंधित अतिरिक्त उपायों की घोषणा करने की भी उम्मीद है.
उनके जवाब के बाद, विधानसभा वन, वाणिज्यिक कर, स्टाम्प और पंजीकरण, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभागों से संबंधित अनुदान की मांगों पर चर्चा करेगी. इन विभागों के मंत्री बहस का जवाब देंगे और नई पहलों की घोषणा करेंगे. विधानसभा का यह मौजूदा सत्र 18 दिनों से चल रहा है, जिसमें सरकारी खर्च और विभिन्न विभागों के कामकाज पर बहस हावी रही है. सोमवार की बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि उम्मीद है कि मुख्यमंत्री विजय का जवाब सत्र के आखिरी चरण की दिशा तय करेगा.
मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर ली है. विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को घेरा है. उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि नई सरकार के 116 दिनों में राज्य में अपराध बढ़े हैं. उन्होंने कहा, "नई Government के शुरुआती 116 दिनों में तमिलनाडु “रिवर्स गियर” में चला गया है." उन्होंने हत्याओं, यौन उत्पीड़न और ऑनर किलिंग जैसी घटनाओं का जिक्र किया. वहीं, एडप्पादी के पलानीस्वामी ने भी सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े हैं.
मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष को चुनौती दी है कि वे सदन में रुकें और उनके जवाब सुनें. उन्होंने कहा कि वे विपक्ष के हर सवाल का जवाब देंगे. यह साफ है कि आज सदन में जोरदार बहस होगी. मुख्यमंत्री कुछ नई घोषणाएं भी कर सकते हैं. वे पुलिसिंग और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए नए कदम उठा सकते हैं.
मुख्यमंत्री के जवाब के बाद, अन्य विभागों के अनुदान मांगों पर चर्चा होगी. वन विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग, स्टाम्प और पंजीकरण विभाग, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री भी अपनी बात रखेंगे और नई योजनाओं के बारे में बताएंगे. यह सत्र 18 दिनों से चल रहा है और आज की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मुख्यमंत्री के जवाब से सत्र के बाकी दिनों की दिशा तय हो सकती है.