दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव: 2.75 लाख से अधिक छात्र आज करेंगे मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव शुक्रवार को होने वाले हैं, जिसमें 2.75 लाख से अधिक छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित किए जाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 150 से अधिक पुलिस अधिकारी बॉडी वार्न कैमरे का इस्तेमाल करेंगे। सीसीटीवी और ड्रोन से भी निगरानी रखी जाएगी। इस बार का चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि यह परीक्षा में गड़बड़ियों और हॉस्टल की कमी जैसे मुद्दों के बाद हो रहा है।

शुक्रवार को दो चरणों में मतदान होगा। पहला चरण सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगा। महिला कॉलेजों में महिला कांस्टेबल तैनात की जाएंगी ताकि ईवीएम के जरिए शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित हो सके।
डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच है। एबीवीपी को आरएसएस और भाजपा का समर्थन प्राप्त है, जबकि एनएसयूआई कांग्रेस समर्थित है। आम आदमी पार्टी और लेफ्ट के छात्र संगठन भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

अध्यक्ष पद के लिए 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें एबीवीपी के यश डबास और एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा प्रमुख हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए 20, सचिव के लिए 24 और संयुक्त सचिव के लिए 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। एबीवीपी की ओर से उपाध्यक्ष पद पर इशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह उम्मीदवार हैं। वहीं, एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद के लिए वीर छत्रथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है।

इस साल के डूसू चुनाव का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि ये जुलाई में जंतर-मंतर पर परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर हुए 'जेन जी' के विरोध प्रदर्शन और दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद हो रहे हैं। इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की भारी कमी को उजागर किया था।

दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों या विभागों में इस साल दाखिला लेने वाले नए छात्र भी वोट डाल सकते हैं। अगर उनके कॉलेज आईडी कार्ड जारी नहीं हुए हैं, तो वे वैध शुल्क रसीद और आधार, पैन, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी पहचान पत्र दिखाकर वोट दे सकते हैं। वहीं, दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए अपना वैध कॉलेज पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।

चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। दिल्ली पुलिस ने वोटिंग के दौरान की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए अपने 150 से अधिक अधिकारियों को बॉडी वार्न कैमरे देने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बताया कि वोटिंग के दिन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही, ईवीएम के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए महिला कॉलेजों में महिला कॉन्स्टेबल तैनात की जाएंगी।

यह चुनाव छात्र राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां विभिन्न छात्र संगठन अपनी ताकत दिखाते हैं। इस बार के चुनाव में नए मुद्दे और छात्रों की चिंताएं भी हावी रहने की उम्मीद है।