नई पुस्तक ‘मोदी कथा’ PM मोदी के मानवीय पहलू को उजागर करती है, लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने बताया

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नई दिल्ली, 17 सितंबर। वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार और लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को एक नए नजरिए से देखने और समझने के लिए अपनी नई पुस्तक 'मोदी कथा' का लोकार्पण किया है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को जारी की गई इस पुस्तक में मोदी के राजनीतिक जीवन के साथ-साथ उनके मानवीय पहलुओं को भी उजागर किया गया है। डॉ. बर्णवाल का मानना है कि निराशा के सबसे बुरे दौर में भी प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व, उनकी बातों और उनके काम करने के तरीके से सकारात्मकता सीखी जा सकती है। उन्होंने आईएनएस से खास बातचीत में पुस्तक के बारे में विस्तार से बताया।

डॉ. बर्णवाल ने बताया कि 'मोदी कथा' पुस्तक आज लॉन्च हुई है। लोग प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक व्यक्तित्व से अच्छी तरह वाकिफ हैं, क्योंकि वे पिछले 25 सालों से सत्ता में हैं। लेकिन, उनका एक मानवीय पहलू भी है, और 'मोदी कथा' में उसी पहलू को उजागर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों की दिलचस्पी बढ़ती है। मुख्यमंत्री बनने से पहले के काल को अगर देखा जाए तब भी उनके व्यक्तित्व में संवेदनशीलता और संजीदगी दिखती है। ऐसी घटनाएं दिखाई पड़ती हैं, जिसके बाद पता चलता है कि उनका व्यक्तित्व इतना विराट क्यों है।
उन्होंने 1990 की एक कहानी का जिक्र करते हुए बताया कि दो महिलाएं ट्रेन में सफर करती हैं। उनके मन की धारणा थी कि नेता गुंडे टाइप के होते हैं। लेकिन, उनसे मिलने के बाद उनके विचार बदल जाते हैं। मैंने इसी तरह की 10 कहानियों का संकलन किया है। यह किताब Prime Minister Modi के व्यक्तित्व को देखने का एक अलग नजरिया और संदर्भ है।

लेखक ने इस बात पर जोर दिया कि अगर आप अपनी जिंदगी के सबसे बुरे पल में हैं, घोर निराशा में हैं और सकारात्मकता खोजना चाहते हैं, तो बस Prime Minister की ओर देखिए। सिर्फ Prime Minister को ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व को देखिए, उनकी बातें सुनिए और उनके काम करने के तरीके को देखिए। आप समझ जाएंगे। यह उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी है: नकारात्मकता के चरम पर भी, आप उनमें सकारात्मकता पैदा होते हुए देख सकते हैं।

डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल ने Prime Minister Modi का आकलन करने के लिए तीन महत्वपूर्ण पैमाने बताए। उन्होंने कहा, “अगर आपको किसी भी पैमाने पर Prime Minister Modi का आकलन करना हो, तो देश का हित सबसे ऊपर है। इसमें कोई शक नहीं है। देशभक्ति। दूसरी बात, सनातन संस्कृति के प्रति उनका समर्पण, उनका विजन और उसके बारे में उनकी सोच, एक अहम मुद्दा है। ये दो बहुत महत्वपूर्ण बातें हैं। तीसरी बात, देशभक्ति और सनातन संस्कृति का मेल। आप उनके सभी कामों को इसी नजरिए से देख सकते हैं, परख सकते हैं और उनका आकलन कर सकते हैं।”

आज की जेनजी (GenZ) के लिए उनके जीवन से सबसे बड़ी सीख क्या हो सकती है? इस पर लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल कहते हैं, “आज की ‘जेनजी’ बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। यह अच्छी बात है, और समय का तकाजा भी यही है कि लोग तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। लेकिन अगर आप Prime Minister से कुछ सीखना चाहते हैं, तो आप तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, पर अनुभव कहां से लाएंगे? इसलिए, संयम, समर्पण और प्रतिबद्धता के बिना सब कुछ अधूरा रहता है। यह एकतरफा नहीं है। Prime Minister Modi जेनजी से बहुत कुछ सीखते हैं और अपने में समाहित करते हैं। जेनजी Prime Minister को अपना आदर्श मानता ही है।”

उन्होंने Prime Minister Modi को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, “मैं Prime Minister Modi को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं, लेकिन यह हमारा सौभाग्य भी है कि देश को आप जैसे व्यक्ति मिले। आप Prime Minister बने, जिसकी वजह से देश को एक नई दिशा मिली। इसलिए, मैं चाहता हूं कि आप इस पद पर बने रहें और कई सालों तक, यहां तक कि कई कार्यकाल तक Prime Minister के तौर पर देश की सेवा करते रहें।”

डॉ. बर्णवाल ने Prime Minister Modi के संयम और प्रतिक्रिया न देने की आदत को उनकी एक बड़ी ताकत बताया। उन्होंने समझाया, “मान लीजिए आप किसी चीज को पसंद या नापसंद करते हैं। इसे ऐसे समझिए, अगर कोई आपके साथ वैसा ही व्यवहार करे जैसा आप दूसरों के साथ करते हैं, तो क्या आपको यह अच्छा लगेगा या बुरा? अब Prime Minister Modi के व्यक्तित्व को इसी नजरिए से समझिए। भले ही कोई कितना भी बुरा इंसान हो, या कोई उनके बारे में कुछ बुरा कहे, आपने देखा होगा कि वे कभी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते। उनकी सबसे बड़ी ताकत क्या है? संयम। वे इंतजार करते हैं और कभी भी तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते। इन कहानियों में ये सब देखने को मिलेगा।”

उन्होंने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बारे में बताते हुए Prime Minister Modi के माफ करने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक झटके में बच् चों को क्षमा करना उनका व् यक्तित् व है। असल में उनका पूरा जीवन इसी बात के इर्द-गिर्द बुना हुआ है।

पुस्तक में लेखक ने Prime Minister Modi के बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर में आई कई ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है, जो उनके व्यक्तित्व की गहराई और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से आकर भी उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता से देश के सर्वोच्च पद तक का सफर तय किया। पुस्तक में ऐसी कहानियाँ शामिल हैं जो यह बताती हैं कि कैसे Prime Minister Modi ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और समझदारी से काम लिया।

डॉ. बर्णवाल ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे Prime Minister Modi ने देश की युवा पीढ़ी, जिसे ‘जेनजी’ कहा जाता है, के साथ तालमेल बिठाया है। उन्होंने बताया कि जेनजी भले ही तेजी से आगे बढ़ रही हो, लेकिन Prime Minister Modi से वे संयम, समर्पण और प्रतिबद्धता जैसे महत्वपूर्ण गुण सीख सकती है। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण है कि Prime Minister Modi भी जेनजी से बहुत कुछ सीखते हैं और उन्हें अपने काम में शामिल करते हैं।

पुस्तक का मुख्य उद्देश्य Prime Minister Modi के राजनीतिक चेहरे से परे उनके मानवीय पक्ष को सामने लाना है। लेखक का मानना है कि उनके व्यक्तित्व में एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा है जो किसी भी निराशा को दूर कर सकती है। यह पुस्तक उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है जो जीवन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और सकारात्मकता की तलाश में हैं।

डॉ. बर्णवाल ने यह भी बताया कि पुस्तक में Prime Minister Modi के उन फैसलों और कार्यों का भी विश्लेषण किया गया है, जो देश के हित और सनातन संस्कृति को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति और सनातन संस्कृति का मेल उनके हर काम में झलकता है, और इसी नजरिए से उनके कार्यों को समझा जा सकता है।

कुल मिलाकर, 'मोदी कथा' एक ऐसी पुस्तक है जो Prime Minister Narendra Modi के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है और पाठकों को उन्हें एक नए और गहरे नजरिए से देखने का अवसर प्रदान करती है। यह पुस्तक न केवल उनके राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालती है, बल्कि उनके मानवीय गुणों, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को भी सामने लाती है, जो उन्हें एक असाधारण नेता बनाते हैं।