मायावती ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए हर स्तर पर मदद की मांग की

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Navbharat Times
लखनऊ, 27 सितंबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में आए भारी बारिश, आंधी और तूफान के चलते उत्पन्न संकट के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से प्रभावित लोगों की तात्कालिक मदद करने की अपील की है। उन्होंने खासतौर पर महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए औपचारिकताओं से आगे बढ़कर राहत पहुँचाने की आवश्यकता जताई। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोग कठिन दौर से गुजर रहे हैं और मायावती का मानना है कि इस समय राज्य सरकारों को उन लोगों की पूरी मदद करनी चाहिए।

मायावती ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों में भारी वर्षा, आंधी और तूफान के कारण जनता मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे प्राकृतिक संकट के समय संबंधित राज्य सरकारों को प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करनी चाहिए। यह बी.एस.पी. की मांग है।” उन्होंने महाराष्ट्र के सूखे की भी चर्चा की। उनका कहना है कि सूखे से जूझ रहे लोग खासकर किसानों के प्रति राज्य सरकार को केवल औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सरकार को जमीनी स्तर पर हालात का आकलन करना चाहिए और जल्द से जल्द सहायता पहुँचानी चाहिए।
आगे बढ़ते हुए, मायावती ने बसपा के संगठनात्मक ढांचे में किए गए परिवर्तनों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और समाज में पार्टी का आधार बढ़ाने के लिए संगठन को तीन सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सेक्टर-1 में 10 राज्य हैं, जहां का कामकाज राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को केंद्रीय सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। सेक्टर-2 में नौ राज्य हैं, जिनकी जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सांसद राजाराम और पूर्व विधायक अतरसिंह राव को दी गई है।

उन्होंने कहा कि सेक्टर-3 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को शामिल किया गया है। इसके कामकाज का संचालन पार्टी के लखनऊ स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय से किया जाएगा। मायावती ने खूब जोर देते हुए कहा कि सेक्टर-1 और 2 के जिम्मेदारों को प्रभावित राज्यों में राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया जाए।

मायावती ने स्पष्ट किया कि इस सहायता के लिए अलग से कोई धन जुटाने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "ताकि इसकी आड़ में किसी तरह का अनुचित लाभ उठाने की गुंजाइश न रहे।” जरूरत पड़ने पर बसपा के राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को अधिक प्रभावित राज्यों में भेजा जा सकता है। मायावती ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में वह खुद स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरी महसूस होने पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकती हैं।

इसके अलावा, बसपा प्रमुख ने केंद्र सरकार से अपील की है कि जिन राज्यों में प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर है, वहां की राज्य सरकारों को समय पर सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा, "संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।”

इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश के कारण जनजीवन बेहाल है। ऐसे में मायावती का यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल किसानों और प्रभावित लोगों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हवा में तैरते असमानताओं और दायित्वों की भी झलक देते हैं। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंदों की मदद करें और उनकी समस्याओं का निवारण करें।

मायावती का यह प्रयास न केवल राहत कार्यों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह समाज में एकजुटता और मजबूती के लिए एक प्रेरणा भी है। ऐसे कठिन समय में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे अधिकतम लोगों की सहायता करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।