ओपी राजभर का सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तीखा हमला, मतदाता सूची पर आरोप

NewsPoint•
Navbharat Times
लखनऊ, 27 सितंबर। योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष के आरोपों पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बेबुनियाद आरोपों के जरिए देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। राजभर ने कहा कि अखिलेश पिछले तीन चुनाव हार चुके हैं, और उन्हें भय है कि नए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में उनके समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की सफाई देते हुए बताया कि यह 1952 से चली आ रही है और इसमें मृतकों के नाम हटाना तथा शिफ्टेड वोटरों के नाम को सही करना शामिल है।

राजभर ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने सभी को जानकारी देने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा, “जो अपना नाम बढ़वाना चाहता है उसके लिए फॉर्म 6 और जो अपना नाम कटवाना चाहता है उसके लिए फॉर्म 7 भरने का विकल्प खुलेआम दिया गया है।” वे यह भी बोले कि जनता ने इन नेताओं को वोट देना बंद कर दिया है, जिससे यह लोग सरकारी संस्थाओं पर आरोप लगाने लगे हैं। इसके अलावा, राजभर ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव अपनी जाति को बढ़ावा देने में लगे हुए थे। उन्होंने कहा, “पांच साल खुद अखिलेश यादव सरकार में थे, उन्होंने अपनी ही जाति को बढ़ाया।”
ओम प्रकाश राजभर ने यादवों में विभाजन की बात करते हुए कहा कि अब दो तरह के यादव हैं। एक वो जो अखिलेश के साथ हैं और दूसरे वो जो गाय-भैंस रखकर अपने बेटे को पढ़ा रहे हैं। राजभर ने कहा, “वो अब इनके साथ नहीं है, उसने साथ छोड़ दिया है, वो पीएम मोदी के साथ चला गया है।” उन्होंने कहा कि इस स्थिति से अखिलेश यादव काफी परेशान हैं। वे बोले, “ग्वाल को बढ़ाओगे और धनगर को छोड़ दोगे तो दिक्कत तो पैदा होगी ही।”

राजभर ने यह भी कहा कि जो आरोप विपक्ष लगाता है, वे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ठीक कर रहा है। इसके अलावा, उन्होंने याद दिलाया कि एसआईआर केवल 2003 में ही नहीं, बल्कि 1952 से हो रहा है। चुनाव आयोग ने खुलासा किया है कि उन्होंने कितने मृतक वोटर्स के नाम को हटा दिया। राजभर के अनुसार, 16,000 से अधिक मृतक मतदाता मिले जिन्होंने वोटर लिस्ट में अपना नाम लिखा हुआ था और उनका नाम हटाया गया।

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अब विपक्षी नेता स्वर्ग से वोट लाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “क्या अखिलेश यादव और राहुल गांधी स्वर्ग से पकड़ कर लाते थे या नरक में जाकर ले आते थे?” उन्होंने कहा कि अब जब वोटर लिस्ट से नाम हट गए हैं तो ये लोग परेशान हो गए हैं। अब उन्हें चिंता है कि वे फिर से फर्जी मतदान कैसे करेंगे।

राजभर ने कहा, “ये लोग संवैधानिक संस्था के खिलाफ बोल रहे हैं। ये India को दुनिया की नजरों में बदनाम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जब लोग आपको वोट नहीं दे रहे हैं, तो आप कैसे जीत सकते हैं?

राजभर ने विपक्ष को एक और सलाह दी कि उन्हें अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार की चुनावी प्रक्रिया में वोटर्स की संख्या को देखकर ही सही निर्णय लेना होगा। इस बार देश के हित में काम करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम सही दिशा में है और इसे सभी को समझना चाहिए।

उन्होंने एक बार फिर तर्क किया कि अब जो लोग पहले अखिलेश यादव के साथ थे, वे अब नरेंद्र मोदी के साथ चल रहे हैं। राजभर ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे किसी भी प्रक्रिया में बदलाव से नहीं डरते। उन्होंने सपा प्रमुख को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वो राहुल गांधी से पूछें कि जिसने एसआईआर कराया, वो कैसे हुआ।

राजभर ने कहा कि अगर किसी को अपने क्षेत्र में मतदान की प्रक्रिया को सुधारना है, तो उसे चुनाव आयोग का सहयोग लेना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने सभी दलों से यह भी कहा कि वे सकारात्मक तरीके से जनता के सामने आएं और झूठ बोलने से बचें। यदि जनता आपके साथ नहीं है, तो आपको सही कारण समझने होंगे।

समाप्ति में राजभर ने यह भी कहा कि जनता की भावना का सम्मान करना जरूरी है। जो लोग चुनाव के समय मुद्दों से भटकते हैं, उन्हें अपने कृत्यों का जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की और सभी को चुनावी प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस बार चुनावी मैदान में सभी को सजग रहना होगा क्योंकि यदि नेता सही तरीके से काम नहीं करेंगे तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। एसा मानकर चलें कि अगली बार की चुनावी प्रक्रिया में हर वोटर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।