भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का कोलकाता दौरा: प्रधानमन्त्री मोदी के 'मन की बात' का सुनने का आयोजन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का कोलकाता दौरा: प्रधानमन्त्री मोदी के 'मन की बात' का सुनने का आयोजन
NewsPoint•
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कोलकाता का दौरा किया। यह दौरा दो दिन का था। उनके साथ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। उन्होंने न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' का 138वां एपिसोड सुना। इस एपिसोड में पीएम मोदी ने 2016 में हुए ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को याद किया। उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं को नशे से सुरक्षित रखने की बात भी की।
नितिन नवीन ने पार्टी के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को सुना। यह कार्यक्रम ऐसा है जो सामान्य नागरिकों को सामूहिक प्रयासों और सकारात्मक बदलावों के लिए प्रेरित करता है। इसके बाद उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुखों के साथ एक बड़ी संगठनात्मक बैठक की। नितिन ने कहा कि भाजपा 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए जनता की सेवा को मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी कार्यकर्ता 'सोनार बांग्ला' के गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इसी दिन नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्रियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जारी बैठकों के अंत में, प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पार्टी के सभी पदाधिकारियों के साथ समन्वय और विचार-विमर्श करना है।
भाजपा पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने में सफल हो गई है। उन्होंने पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि 1952 में भारतीय जनसंघ ने दो सीटें जीती थीं, जिसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दुर्गाचरण बनर्जी ने जीत दर्ज की थी। शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा शासन के दौरान भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की हत्याएं की गईं। तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह संख्या बढ़कर 334 हो गई।
पार्टी के कई महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी दुष्कर्म और गंभीर अत्याचार हुए हैं। ये सब बलिदान ही हैं, जिनके आधार पर भाजपा आज पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने में सफल हुई। बैठक में मुख्य रूप से जनकल्याणकारी योजनाओं और पार्टी की उपलब्धियों पर चर्चा हुई।
नितिन नवीन ने स्पष्ट रूप से बताया कि मंत्रियों को अपनी-अपनी भूमिकाएं निभानी चाहिए और पार्टी को मंत्रिपरिषद के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, "किसी भी पार्टी कार्यकर्ता को किसी भी परिस्थिति में सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।"
बैठक में इस समन्वय पर विस्तार से گفتگو हुई। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में किए गए वादों के बारे में भी चर्चा हुई, जिसमें यह देखा गया कि कितने वादे पूरे किए गए हैं और बाकी वादों को पूरा करने में कितना समय लगेगा। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति और सीमा सुरक्षा की चिंताओं पर भी बात हुई।
बैठक में प्रदेश के जनसांख्यकीय बदलाव पर भी चर्चा हुई। नितिन नवीन ने बीएसएफ के साथ सहयोग की स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही, रेलवे और अन्य सरकारी परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। नितिन ने एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया ताकि निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
उन्होंने बैठक के अंत में कहा कि छह महीने बाद एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पार्टी के निर्णय और घोषणा पत्र में किए गए वादे कितनी तेजी से पूरे हो रहे हैं।
भाजपा का यह दौरा पश्चिम बंगाल में बदलाव लाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पार्टी ने पिछले वर्षों में बड़ी मेहनत की है। नितिन नवीन का यह दौरा न केवल पार्टी के लिए, बल्कि पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए भी एक नया संदेश लेकर आया है।
जैसे-जैसे भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी ज़मीन मजबूत कर रही है, पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने में सक्रिय हो रहे हैं। इस तरह के प्रयास से पार्टी अपनी ताकत को और बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
नितिन नवीन का दौरा भाजपा के लिए कई नई संभावनाएं ला सकता है। उनका यह संगठनात्मक दौरा केवल पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक मार्गदर्शन हो सकता है। देखते हैं, भविष्य में यह कैसे आकार लेता है।