नटराजासन: योग में कठिन आसनों को करने से पहले शरीर की तैयारी के लिए उचित अभ्यास आवश्यक
नटराजासन: योग में कठिन आसनों को करने से पहले शरीर की तैयारी के लिए उचित अभ्यास आवश्यक
NewsPoint•
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। योग के कई आसनों में से नटराजासन एक खास आसन है। यह आसन संतुलन और एकाग्रता की मांग करता है। इसे करने से पहले शरीर का सही तरीके से वार्म-अप करना बहुत जरूरी है। नटराजासन करने के लिए पैरों, कूल्हों, पीठ और कंधों में लचीलापन होना चाहिए। सीधे इस आसन को करने से चोट लगने का खतरा हो सकता है। इसलिए, कुछ सरल आसनों और स्ट्रेचिंग के जरिये शरीर को तैयार करना जरूरी है।
नटराजासन को भगवान शिव के नटराज स्वरूप को समर्पित किया गया है। इसे एक पैर पर संतुलन बनाकर करना होता है। शरीर को तैयार करने के लिए कुछ आसान योगाभ्यास हैं, जैसे सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, आंजनेयासन, धनुरासन, भुजंगासन, वीरभद्रासन, और एकपाद राजकपोतासन। ये आसन नटराजासन से पहले करने से लाभ होता है क्योंकि ये शरीर को लचीलापन और संतुलन में मदद करते हैं।सूर्य नमस्कार सबसे पहले किया जाना चाहिए। यह शरीर को वार्म-अप करने, लचीलापन बढ़ाने और संतुलन बनाने में मदद करता है। इसके बाद वृक्षासन करना चाहिए। वृक्षासन एक पैर पर संतुलन बनाने की क्षमता बढ़ाता है, जो नटराजासन के लिए बहुत जरूरी है। इसके बाद आंजनेयासन किया जाता है, जो शरीर को नटराजासन के लिए पूरी तरह से तैयार करता है। यह हिप फ्लेक्सर्स और जांघों के सामने के हिस्से को गहरा स्ट्रेच देता है।
धनुरासन को बुनियादी पीछे झुकने वाला आसन माना जाता है। यह शरीर को नटराजासन जैसे ज्यादा कठिन आसनों के लिए तैयार करता है। यह कंधों, छाती और जांघों को एक साथ स्ट्रेच करता है। भुजंगासन में एक पैर पर खड़े होकर शरीर को पीछे की ओर खींचना होता है। इसके लिए पीठ और संतुलन की अधिक आवश्यकता होती है। भुजंगासन शरीर को मजबूत करता है, जिससे नटराजासन करना आसान हो जाता है।
वीरभद्रासन एक तरह का आसन है, जो रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। इस आसन को करने से नटराजासन करते समय पीठ के निचले हिस्से में चोट लगने का खतरा कम हो जाता है। इसके अंत में एकपाद राजकपोतासन करना चाहिए। यह आसन कूल्हों को खोलता है और पैर को पीछे और ऊपर की दिशा में ले जाने में मदद करता है। यह नटराजासन के लिए एक जरूरी प्रारंभिक आसन माना जाता है।
संक्षेप में, नटराजासन एक काफी कठिन, संतुलन बनाने वाला और गहरे पीछे झुकने वाला आसन है, जिसके लिए शरीर का पूरी तरह से खुला होना बहुत जरूरी है। सही तरीके से तैयारी करने से ही इस आसन का अभ्यास करना सुरक्षित और आसान होगा। योग में सही तरीके से सीखना और अभ्यास करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, नटराजासन से पहले सभी आसान और स्ट्रेचिंग करने पर ध्यान दे।