वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कतर में एआईआईबी की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने पहुंचीं

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नई दिल्ली, 28 सितंबर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं। इस जानकारी को सोमवार को एक आधिकारिक बयान में साझा किया गया। कतर के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने स्वागत किया। केंद्रीय वित्त मंत्री इस बैठक के दौरान एआईआईबी के अध्यक्ष और विभिन्न देशों के वित्त मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।

सीतारमण एआईआईबी में भारत के गवर्नर की भूमिका निभाते हुए बैठक में शामिल होंगी। भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। इस दौरे के दौरान, वे कतर सरकार के उच्च नेतृत्व से मुलाकात करेंगी और कतर के व्यापारिक नेताओं व निवेशकों के साथ बातचीत भी करेंगी। एआईआईबी एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जिसका उद्देश्य एशिया और विश्वभर में आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाना है। यह बैंक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जैसे कि सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन में निवेश करता है।
एआईआईबी की स्थापना जनवरी 2016 में की गई थी, जब इसने 100 अरब डॉलर की प्रारंभिक पूंजी के साथ काम शुरू किया था। यह बैंक आज 111 देशों का सदस्य है। एआईआईबी का मुख्य ध्यान स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, परिवहन और डिजिटल नेटवर्क को बेहतर बनाना, और जल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके अलावा, बैंक निजी निवेशकों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं का भी वित्त पोषण करता है।

भारत और कतर के बीच मजबूत ऊर्जा संबंध हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल है पेट्रोनेट एलएनजी और कतर एनर्जी के बीच 20 साल का एलएनजी समझौता। इस समझौते के तहत, 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति की जाएगी।

कुल मिलाकर, वित्त मंत्री सीतारमण का यह दौरा कतर में भारत के विकासात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। एआईआईबी की बैठक में भाग लेकर वे भारत की आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगी।