वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कतर में एआईआईबी की 11वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने पहुंची
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कतर में एआईआईबी की 11वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने पहुंची
NewsPoint•
नई दिल्ली, 28 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए कतर पहुंच गई हैं। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई। कतर में उतरने पर, उन्हें दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने स्वागत किया। वित्त मंत्रालय ने एक पोस्ट में कहा, "केंद्रीय वित्त मंत्री अगले दो दिनों में दोहा में एआईआईबी की 11वीं वार्षिक बैठक और एआईआईबी इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026 में भाग लेंगी।"
निर्मला सीतारमण एआईआईबी के अध्यक्ष के अलावा जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के वित्त मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। वह एआईआईबी में भारत की गवर्नर हैं और भारत इस बैंक का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। उनकी इस आधिकारिक यात्रा के दौरान कतर सरकार के शीर्ष नेताओं से भी मुलाकात होने की संभावना है। वित्त मंत्री ने कतर के कारोबारी नेताओं और निवेशकों के साथ भी बातचीत करने का कार्यक्रम रखा है। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है। यह बैंक एशिया और अन्य देशों में आर्थिक एवं सामाजिक सुधार के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, जैसे सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रणालियों के निर्माण के लिए वित्त पोषण करता है।
इसका मुख्यालय बीजिंग में है और यह बैंक जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ शुरू किया गया था। एआईआईबी के 111 सदस्य देश हैं और इसके प्रमुख कार्यों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रोजेक्ट्स को वित्त पोषित करना शामिल है। इसके साथ ही, यह बैंक सार्वजनिक और निजी विकास परियोजनाओं में भी निवेश कराता है।
भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा संबंध मजबूत हैं। पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच 20 साल का एलएनजी समझौता है। इसके तहत 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति होगी।
इस तरह, वित्त मंत्री की यह यात्रा एआईआईबी के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने में मदद करेगी और कतर में निवेश के अवसरों को भी बढ़ाएगी।