nNBT रिपोर्ट, लखनऊ: परिवहन निगम ने अवध डिपो समेत प्रदेश के 19 डिपो को निजी हाथों में दिया है। डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन इन कंपनियों द्वारा कोई विशेष सुधार नहीं दिख रहा है। इसे देखते हुए परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक ने डीजल औसत की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आने के बाद कई कंपनियों पर ऐक्शन हो सकता है।
परिवहन निगम के वित्त नियंत्रक की ओर से 22 अप्रैल को सभी सेवा प्रबंधकों को पत्र जारी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा है कि 19 डिपो में प्राइवेट कंपनियां काम कर रहीं हैं। इनकी समीक्षा की जाए। गौरतलब है कि परिवहन निगम के अधिकारियों का तर्क था कि लगातार मानव संपदा की कमी होने के कारण बसों का मेंटनेंस नहीं हो पा रहा था। इस कारण 19 डिपो का जिम्मा निजी एजेंसियों को दिया गया है। हालांकि, हालात अब भी सुधरे नहीं हैं।


