51 नगम कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे, सरकार पर लगाया आरोप

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फरीदाबाद में नगर निगम के 51 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। यह हड़ताल दो दिन चलेगी। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का वादा पूरा नहीं किया। आगजनी की घटनाओं को रोकने में भी सरकार विफल रही है।

51 nigam employees on hunger strike accuse government of betrayal and exploitation

n NBT न्यूज, फरीदाबाद

अपनी मांगों को लेकर नगर निगम कर्मचारियों ने सोमवार को दो दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नगर निगम मुख्यालय पर शुरू की गई हड़ताल के पहले दिन 51 सफाई कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे, जिसमें 11 महिला व 40 पुरुष कर्मचारी शामिल रहे। यह हड़ताल नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुरू की गई। संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री, नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान दलीप बोहत व जिला सचिव अनिल चंडालिया ने माला पहनाकर कर्मचारियों को हड़ताल पर बैठाया। भोजन अवकाश के समय कर्मचारियों ने आक्रोश सभा की, जिसका नेतृत्व सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह ने किया। मंच संचालन महेंद्र कुड़िया ने किया। मौके पर नरेश शास्त्री ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट का काम सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह कथन पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है और शहीद हुए कर्मचारी भवी चंद शर्मा व रणवीर का अपमान है। प्रदेश भर में शहरों व गांवों में रोजाना आगजनी की घटनाओं को सरकार रोकने में पूर्ण रूप से विफल रही है, जान माल का काफी नुकसान हो रहा है।

जनता के प्रति संवेदनाएं पूरी तरह से खत्म हो गई : उन्होंने कहा कि सरकारी की जनता के प्रति संवेदनाएं पूरी तरह से खत्म हो गई हैं। उन्होंने सरकार पर भेदभाव करने, वायदा खिलाफी व सफाई कर्मचारियों का शोषण का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी 2014 में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने ठेका प्रथा समाप्त करने का वायदा करके सत्ता में आई, लेकिन सरकार ने न तो सफाई कर्मचारियों को पक्का किया न ही कोई पक्की भर्ती की है। इसके विपरीत प्रदेश के सफाई कर्मचारियों को 22-22 साल का ठेका देकर ठेकेदारों का गुलाम बनने पर मजबूर कर दिया है।