'पुलिस कमिश्नर शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं'

नवभारतटाइम्स.कॉम

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नरों द्वारा शक्ति के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि बांड जमा होने के बाद भी लोगों को आसानी से रिहा नहीं किया जाता। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर को अवैध रूप से हिरासत में लिए गए लोगों की सूची पेश करने का निर्देश दिया गया है।

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n NBT रिपोर्ट, प्रयागराज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि देखने में आया है कि पुलिस कमिश्नर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं। बांड जमा करने के बाद भी आसानी से रिलीज नहीं करते। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद को निर्देश दिया है कि वह पिछले एक हफ्ते में अपने आदेश से अवैध निरुद्ध किए गए लोगों की सूची पेश करें।

उच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि वह इसमें विफल रहते हैं तो 6 मई को अगली सुनवाई के दिन सुबह दस बजे कोर्ट में हाजिर हों। जानकारी के अनुसार, यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति वी के द्विवेदी की खंडपीठ ने चंद्रपाल सिंह व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। जिससे साफ हो गया कि पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद ने याची को अवैध निरुद्ध रखा। याची के खिलाफ बी एन एस एस की धारा 170, 126 और 135 के तहत कार्रवाई की गई और उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी उपबंधो पर विचार नहीं किया गया और नियमानुसार रिहाई नहीं की गई। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।