चार साल पुराने डबल मर्डर केस मामले में बुधवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे-26 अमरजीत सिंह की कोर्ट ने पिता और दो बेटों को फांसी की सजा सुनाई। तीनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, एक आरोपी की पत्नी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
मामला थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के प्रकाश नगर का है। साल 2022 में आरोपी गौरव को अपनी पत्नी पूजा पर अवैध संबंध का शक था। इसी शक के चलते उसने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर पत्नी पूजा और मौसेरे भाई शिवम की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
घटना के दिन आरोपियों ने पहले शिवम को फोन कर बुलाया। इसके बाद गली और मुख्य सड़क पर दोनों को दौड़ा-दौड़ाकर डंडों से पीटा गया। जब वे गिर पड़े तो फरसे जैसे धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी गई। शिवम पर इतनी बेरहमी से हमला किया गया कि एक मिनट में 20 से ज्यादा वार किए गए। पूजा की हत्या घर के दरवाजे पर की गई। पुलिस को पूजा का शव घर के बाहर और शिवम का शव गली में मिला था। मौके से खून से सना डंडा भी बरामद हुआ था। इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जो मुकदमे में अहम साक्ष्य बना। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोनों हत्याएं बेहद क्रूर और सुनियोजित थीं। आरोपियों ने दिनदहाड़े खुलेआम लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया, जिससे साफ है कि उनमें कानून का कोई डर नहीं था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी कई गंभीर और गहरे घाव मिले, जिससे हमले की बर्बरता साबित होती है। कोर्ट ने इस अपराध को ‘ दुर्लभ से दुर्लभतम ’ श्रेणी में मानते हुए तीनों दोषियों को धारा 302/34 आईपीसी के तहत फांसी की सजा सुनाई। आदेश में कहा गया है कि दोषियों को फांसी पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए।

